कछौना, हरदोई। कछौना में साधन सहकारी समिति पर सुचारु रूप से खाद न उपलब्ध होने के कारण किसान परेशान हैं। खाद न मिल पाने के कारण सुबह से किसान रतजगा करने को विवश हैं। मार्केट में निर्धारित मूल्य से ज्यादा पर बिक्री हो रही हैं। जिसकी गुणवत्ता की गारंटी भी नहीं है। जब किसानों की खरीफ फसल बुवाई चरम सीमा पर है। कछौना में मात्र साधन सहकारी समिति कछौना पतसेनी, कछौना सहकारी समिति, बालामऊ, पुरवा, गौसगंज केवल चार समितियां सक्रिय हैं। जिसमें पुरवा में बाउंड्री वाल नहीं है। हमेशा आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। साधन सहकारी समिति बालामऊ का भवन भी जर्जर है। साधन सहकारी समिति गौसगंज काफी जर्जर है। बरसात के समय छत से पानी टपकता है। यह कभी भवन गिर सकता है। संघ भवन स्थित रेलवे स्टेशन के पास काफी जर्जर है, कभी गिर सकता है। उसे किराए पर पीएसएफ केंद्र भी संचालित है, जो विभागीय अधिकारी की लापरवाही के चलते दो वर्षों से बंद चल रहा है। जिससे कछौना क्षेत्र के किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। साधन सहकारी समिति कामीपुर, पहावां, खाजोहना, महरी, बंद चल रही हैं। इह सहकारी समितियां किसानों के लिए काफी सहायक थी। इन बंद पड़ी सहकारी समितियों को तत्काल चालू करायी जाए, इस समय से खाद बीज न मिल पाने के कारण किसानों को काफी असुविधा हो रही है। पूर्व में किसानों को क्रेडिट के रूप में खाद बीच मिल जाता था। फसल तैयार होने पर पैसा जमा करते थे, स्थानीय किसानों की भागीदारी कर बंद पड़ी, साधन सहकारी समितियों पर संचालन समिति का गठन कर पुनः जीवित की जाए। समय पर खाद न मिल पाने के कारण फसलों की बुवाई पर असर पड़ रहा है। जिसका असर फसल की पैदावार पर भी पड़ सकता है। किसानों की आय दोगुनी करने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने बताया किसानों को खाद बीज बराबर मिलती रहे, इसके लिए शासन प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए हैं। कहीं कोई असुविधा हो रही हो, उसे किसान तत्काल बताएं। समस्या का निराकरण किया जाएगा। बंद पड़े पीएसएफ के लिए जिला प्रशासन से बात कराके तत्काल चालू कराया जाएगा। वह किसानों के साथ सदैव हैं।
-------रिपोर्ट - पी०डी० गुप्ता