भले ही योगी सरकार महिलाओं के सम्मान का नारा देकर सत्ता में आई हो लेकिन कई जगह पुलिस लचर रवैया अपनाती है जिसके चलते महिला उत्पीड़न जैसे मामलों में भी कार्यवाही को मामूली धाराओं में दर्ज करके अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर लेती है।
ताजा मामला हरदोई के अरवल थाना क्षेत्र का है। यहां के एक गांव निवासी एक किशोरी गांव के बाहर शौच के लिए गयी थी जहां आरोप है कि गांव के चार लड़कों ने उसे दबोच लिया और उसको बाग में खींचकर उसके साथ हैवानियत का घिनौना खेल खेलने का प्रयास करने लगे।जब किशोरी चीखी तो कुछ लोगों के आने पर उसके साथ मारपीट कर उसे धमकी देकर चले गए। पीठ पर बेटी, और कलेजे में खौफ लिए घूम रहा यह पिता जब अरवल थाने पहुंचा तो वहां पुलिस ने सम्बन्धित मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए महज एनसीआर दर्ज कर ली जिससे अब पीड़िता व पिता परेशान घूम रहे है। मामले की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे परिजनों को निराशा ही हाथ लगी क्योंकि किसी भी अधिकारी की मौजूदगी नही थी। पीड़िता व परिजनों को क्या न्याय मिलेगा और यदि मिलेगा तो कब यह भविष्य के गर्भ में है।