इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लंदन में वेस्टमिनिस्टर के सेन्ट्रल हाल में आयोजित “भारत की बात-सबके साथ” कार्यक्रम में भारतवंशियों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारत में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध, उनकी सरकार के अब तक के कामकाज और विदेश नीति सहित कई विषयों पर चर्चा की। जम्मू कश्मीर में उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की कार्रवाई, मोदी केयर के नाम से पुकारे जा रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षा मिशन जैसे विषयों पर भी प्रधानमंत्री ने बातचीत की।
केंद्र सरकार ने हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए कई उपाये किए हैं। 2015 में लगभग 18 हजार गांव ऐसे थे जहां बिजली नहीं थी । सरकार ने यह निर्णय लिया कि एक हजार दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया जाएगा। भारत की बात सबके साथ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तेज गति से काम किया और अभी लगभग एक सौ पचास से एक सौ पिचहत्तर गांव ही ऐसे बचे हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है। श्री मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी चार करोड परिवार आज भी 18वीं शताब्दी की जिंदगी जी रहे हैं और सरकार ने यह बीड़ा उठाया है सौभाग्य योजना के तहत इन परिवारों को मुफ्त में बिजली का क्नैक्शन दिया जाएगा।
18 हजार गांव जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, इसका मतलब बाकी गांवों में पहुंची है। जिन्होंने पहुंचाई है उनको सौ-सौ सलाम, लेकिन 70 साल के बाद 18 हजार न पहुंचना ये भी जिम्मेवारी हम लोगों को लेनी चाहिए। औरे मैने लाल किले से घोषणा कर दी मैं एक हजार दिन में काम पूरा करना चाहता हूं। कठिन काम था, दुर्गम इलाके थे, 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाने का काम करीब करीब पूरा हुआ अब शायद डेढ़ सौ-पौने दो सौ गांव बाकी हैं। काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के समाज सुधारक और दार्शनिक भगवान बसवेश्वर के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि भगवान बसवेश्वर ने लोकतंत्र के लिए अपना पूरा जीवन खपा दिया और समाज को जोडने का अभूतपूर्व काम किया। श्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, सामाजिक चेतना और नारी सशक्तिकरण के लिए किया गया भगवान बसवेश्वर का कार्य सभी के लिए प्रेरणादायक है।
ट्वेल्थ सैन्चुरी में भगवान बसवेश्वर ने मैग्नाकार्टा से पहले लोकतंत्र के लिए पूरा जीवन खपा लिया। उन्होंने एक अनुभव मंडपम नाम की व्यवस्था की और समाज के सब वर्गों के लोग वहां बैठते थे और सामाजिक समस्याओं का चिन्तन करते थे, उस जमाने में कम्पलसरी महिला प्रतिनिधि रहती थी उसमें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति जागरूकता बढाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओं योजना की शुरूआत की गई। श्री मोदी ने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो जब भी कोई उन्हें कीमती उपहार देता था तो वे उसकी नीलामी कर देते थे और इससे जो भी पैसा मिलता था वे उसे मुख्यमंत्री सचिवालय के ड्राइवर और पीयून को दे देते थे ताकि उनकी बच्चियां अच्छी शिक्षा हासिल कर सकें।
जब मैं गुजरात में था मुख्यमंत्री के नाते तो सार्वजनिक समारोह में जाता था तो लोग भेंट सौगात देते हैं, बढ़िया सा शाल देते हैं, कभी कोई चांदी की तलवार दे देते हैं, कोई अच्छा सा ताजमहल दे देता है। कुछ न कुछ देते रहते हैं, बहुत बढ़िया-बढ़िया पेन्टिंग देते हैं फिर मैंने उसका ऑक्सन करना शुरू कर दिया। और ऑक्शन करके उससे जो पैसा आता था, वो मैं गर्ल्स चाइल्ड एजुकेशन के लिए सरकार में डोनोट कर देता था। ……………………(आकाशवाणी से साभार)