कछौना (हरदोई)- क्षेत्र में मिलावटी दूध का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
दूध लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों में शुमार है। दूध वर्तमान समय में हर आम और खास की प्रतिदिन की आवश्यकता है। चाय-कॉफी से मेहमानों का स्वागत करना हो या स्वयं को ताजगी देने के लिए इनकी आवश्यकता है, दूध चाहिए। घर में छोटे बच्चों की भूख मिटानी हो या बढ़ते बच्चों में कैल्शियम व पोषक तत्वों की कमी पूरी करनी हो, दूध आवश्यक है ।ऐसे में यदि दूध में हानिकारक रसायनों व पदार्थों की मिलावट हो तो यही स्वास्थ्यवर्धक दूध जहर का काम करता है।
कछौना क्षेत्र में स्थित डेयरी दुकानदारों द्वारा अपने फायदे के लिए मिलावटी दूध की बेधडक़ बिक्री की जा रही है। जिससे लोगों का धन तो जा रहा है साथ में उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र भर में बिकने वाले दूध की गुणवत्ता काफी खराब है l
क्षेत्र में स्थित इन दूध डेयरियां में रात को दूध पाउडर, केमिकल, सफेद सीमेन्ट आदि की सहायता से चोरी छिपे जहरीला दूध बनाया जाता है। जिसमें चिकनई के लिए रिफाइंड तेल या घी तथा एसिड क्लीनर जैसे रसायन का प्रयोग किया जाता है। एसिड क्लीनर डाक्टरों के अनुसार बेहद खतरनाक रसायन है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मिलावटी दूध बेचना गंभीर अपराध है। जिसमें सजा से लेकर पांच लाख तक जुर्माना हो सकता है,मगर डेयरी संचालकों ने राजनैतिक संरक्षण प्राप्त कर लिया है जिस कारण संबंधित विभागीय अधिकारी भी इन डेयरियों पर छापा मारने की कार्रवाई से बच रहे हैं l
सिंथेटिक दूध तैयार करने में पांच से छह रुपये प्रति लीटर का खर्च आता है जबकि इसे 40 से 50 रुपये लीटर में बेचा जा रहा है,अपने निजी आर्थिक लाभ के लिए ये डेयरी संचालक क्षेत्रीय जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं l
अमानक व मिलावटी दूध लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। क्षेत्र में विक्रय किए जा रहे दूध में पानी के साथ अन्य रसायनों की मिलावट सेहत को नुकसान पहुंचा रही है । प्रतिदिन हजारों लीटर दूध विभिन्न माध्यमों से क्षेत्र में में आ रहा है। ग्राहकों को उनके द्वारा चुकाए जा रहे पैसे के बदले में कितना शुद्ध दूध मिल रहा है? यह कहना मुश्किल है।
उपाजिलाधिकारी संडीला उदयभान सिंह ने दूरभाष पर वार्ता के दौरान बताया कि शीघ्र ही कछौना में अवैध व मिलावटी डेयरी संचालकों पर अभियान चलाकर कार्यवाही की जायेगी lq