कछौना, हरदोई– विकास खण्ड कछौना के अंतर्गत ग्राम सेमरा कलां (महरी) संपर्क मार्ग पर महरी माइनर की पुलिया स्थित है, जो दशकों से टूटी व ध्वस्त पड़ी थी। आवागमन में काफी असुविधा होती थी, राहगीर चुटहिल हो जाते थे।
ग्रामीणों ने दर्जनों बार शासन/प्रशासन से पुलिया निर्माण की मांग की। इसके बाद राष्ट्रीय जल प्रबंध शारदा नहर खंड हरदोई द्वारा लगभग 7 से 8 लाख रुपये से निर्माण कार्य कराने की स्वीकृत मिल गई। जिसका निर्माण कार्य ठेकेदार अशोक सिंह द्वारा लगभग दो माह पूर्व मानकों को ताक पर रखकर शुरू किया गया। ग्रामीण बताते हैं कि कार्य के प्रारंभ से ही यह स्थिति हैं काम की स्थिति को देखने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसी बात का फायदा उठाकर ठीकेदार द्वारा निर्माण कार्य में मनमानी बरती गई है। मानक विहीन सामग्री और खड़ंजा व दोयम दर्जे की ईंटा का उपयोग कर निर्माण कार्य करवाया गया है। निर्माणाधीन पुलिया में लोहा भी तय मानक के अनुसार नहीं लगाया गया। मटेरियल बहुत ही घटिया किस्म का प्रयोग किया गया, जिसके चलते अभी से ही पुलिया टूट रहीं हैं। सही ढंग से पानी की तराई भी नहीं की गई हैं, कुछ स्थानों पर दरार दिखने लगी हैं। जबकि उच्च क्वालिटी की सामग्री अव्वल दर्जे की ईंट के साथ तीन से चार एक का मसाला यानी दो से तीन बोरी मौरंग में एक बोरी सीमेंट के साथ निर्माण कार्य को कराने का प्रविधान है।
छत में लोहा व मटेरियल में काफी कमी की गई हैं। इस पुलिया के ऊपर से अधिक भार लेकर बड़े बड़े वाहनों का प्रतिदिन आवागमन दिन रात लगा रहता हैं। जिसे देखते हुए उक्त पुलिया का मजबूती से निर्माण कार्य न किये जाने से अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उक्त मामले को लेकर अवर अभियंता रामचंद्र वर्मा का पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने ठेकेदार व लेबरों पर पल्ला झाड़ दिया। उक्त के सम्बन्ध में आरटीआई एक्टिविस्ट/सामाजिक कार्यकर्ता सुनील वैश्य द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया है जिसमें घोर अनियमितताएं बरती गई है जिसके लिए इस पुलिया निर्माण से संबंधित कुछ बिन्दुओं का आरटीआई आवेदन पत्र सम्बन्धित विभाग को भेजकर वंचित सूचनाएं प्राप्त करके एवं प्राप्त सूचनाओं तथा मानकों का गहन अध्ययन करके जो भी त्रुटियां हैं उसके लिए सम्बंधित संस्था तथा संबंधित लोकसेवकों के विरुद्ध शतप्रतिशत प्रतिशत वैधानिक-प्रभावी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करवाने हेतु आग्रह/मांग करने के लिए अनुरोध किया जायेगा। इस मामले में जो भी घोर भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं उसका सम्पूर्ण सत्य एवं रहस्य जिलाधिकारी हरदोई एवं शासन प्रशासन तथा जनता के समक्ष स्वतः उजागर किया जाएगा।