हसमत अली बघौली –
हरदोई:- योगी सरकार ने भले ही राज्य की सड़कों को गढ्ढा मुक्त सड़क बनाने का दावा किया था। लेकिन सरकार के दावों की पोल खोल रहा है बघौली से प्रतापनगर जाने वाला जर्जर सड़क मार्ग। 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर मौजूदा सरकार में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता आये दिन किसी न किसी बहाने जनता के बीच पहुँच कर सरकार की उपलब्धियां गिनाने में लगे हुए है। हद तो यह है कि इस खस्ताहाल बदहाल मार्ग पर से बाइक रैली निकाल कर बेशर्मी से जनता को क्षेत्र की चमकदार तस्वीर दिखाते हैं।
क्षेत्रीय समाजसेवक जो समाजसेवा का ढिंठोरा पीटते रहते हैं उन्हें कभी यह जर्जर व खस्ताहाल सड़क दिखाई नहीं देती । कई नेताओं और अधिकारियों का इस सड़क आना जाना रहता है किन्तु किसी की इस पर नजर नहीं पड़ती है या ये कहे कि वह धृतराष्ट्र बन गए हैं। प्रशासन और शासन कागजों में ही जर्जर सड़कों को गड्ढा मुक्त बना रहे हैं।
कुछ वर्षों से इस सड़क की हालत इतनी खराब है कि इस पर पैदल भी चलना मुश्किल है। इस रोड पर आए दिन राहगीर चोटिल होते रहते हैं। बघौली चौराहे से कस्बे तक इस मार्ग में छोटे बड़े इतने गढ्ढे है कि उनकी गिनती करें तो संख्या खत्म होने का नाम ही लेती । जरा सी बरसात से ही सड़क मार्ग से जुड़े बघौली कस्बे से लेकर आसपास के ग्रामीणों व व्यापारियों को काफ़ी दिक्क़तों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग के हाइवे से जुड़े होने के कारण इस पर सैकड़ों भारी वाहनों का आवागमन भी बना रहता है। साथ-साथ स्कूली वाहन एवं साइकिलों से छात्र छात्राओं का आवागमन भी लगा रहता है। जिससे आये दिन छोटी बड़ी दुर्घटनायें आम बात हैं।