७३ वर्षीय ‘थॉमस कप’ के इतिहास मे भारत की प्रथम विजय


● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

१५ मई की तिथि भारत के लिए गौरव और गरिमामयी है। इसी तिथि को भारतीय पुरुष खिलाड़ियों ने चौदह बार के चैम्पियन रहे इण्डोनेशिया को ३-० से पराजित कर, ७३ वर्षों मे पहली बार ‘थॉमस कप’ पर अधिकार करते हुए, अपने देश भारत का बैडमिण्टन के खेल मे मस्तक उन्नत किया है, जिसका श्रेय भारतीय बैडमिण्टन-खिलाड़ियों :– सात्त्विक साईंराज, रंकी रेड्डी, चिराग़ शेट्टी तथा किदाम्बी श्रीकान्त तथा उनके प्रशिक्षक को जाता है, जिन्होंने दक्षिणी-पूर्वी एशिआई देश थाइलैण्ड की राजधानी ‘बैंकाक’ मे आयोजित किये गये ‘थॉमस कप– २०२२’ में क्रमश: एक युगल और दो एकल मैच जीतकर भारत को इस चैम्पियनशिप का गौरव अर्जित कराकर विश्व का छठा देश बना दिया है।

आश्चर्य का विषय है कि वर्ष १९४९ से आरम्भ की गयी इस प्रतियोगिता मे अब तक छ: देश ही ‘थॉमस कप’ पर अधिकार कर सके हैं, जबकि इसमे सोलह देशों के खिलाड़ी भाग लेते हैं। यह प्रतियोगिता सबसे पहले वर्ष १९४९ से आरम्भ की गयी थी, जो वर्ष मे तीन बार आयोजित की जाती थी, जबकि वर्ष १९८२ से यह वर्ष मे दो बार आयोजित की जा रही है।

उल्लेखनीय/उल्लेख्य/ज्ञातव्य/ध्यातव्य/स्मरणीय है कि ७३ वर्षों-पूर्व ‘थॉमस कप’ का आयोजन आरम्भ किया गया था। इस आयोजन के अन्तर्गत दो वर्गों के लिए प्रतियोगिताएँ करायी जाती हैं :–
थॉमस कप– पुरुष-वर्ग
उबेर कप– महिला-वर्ग।
● अभी तक केवल छ: देश ‘थॉमस कप’ को जीत सके हैं।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १६ मई, २०२२ ईसवी।)