प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लोवेन के बीच शिष्टमंडल स्तर की बातचीत के बाद दोनों देश अभिनव साझेदारी और संयुक्त कार्य योजना के बारे में दो दस्तावेजों को लेकर सहमत हुए हैं। संयुक्त कार्ययोजना का उद्देश्य ऊर्जा, स्वच्छ टैक्नोलॉजी और व्यापार समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना है।
इससे पहले एक प्रेस विज्ञप्ति में भारत और स्वीडन के नेताओं ने कहा कि स्मार्ट शहर, स्वच्छ टेक्नोलॉजी, अक्षय ऊर्जा, ई-मोबीलिटी और स्टार्टअप जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की शानदार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इनका फायदा उठाकर भारत में रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जा सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत शहरी परिवहन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान दे रहा है जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि स्वीडन के प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के बीच परस्पर लाभदायक साझेदारी पर केन्द्रित रही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इनोवेशन, इनवेस्टमेंट, स्टार्ट अप्स, मेन्यूफेक्चरिंग आदि हमारे साझेदारी के प्रमुख आयाम हैं। इनके साथ हम रिनेवल एनर्जी, अर्बन ट्रांसपोर्ट, बेस्ट मेनेजमेंट जैसे अनेक विषयों पर भी ध्यान दे रहे हैं जो भारत के लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ से जुड़े विषय हैं। भारत में मेक इन इंडिया की शुरूआत से ही इस अभियान में स्वीडन के सहयोग का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि स्वीडन विकास की चुनौतियों का अभिनव समाधान खोजने में भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकता है। भारत के मेक इन इंडिया मिशन में स्वीडन शुरू से ही मजबूत भागीदार रहा है। आज की हमारी बातचीत में सबसे प्रमुख थीम यही थी कि भारत के विकास से बन रहे अवसरों में स्वीडन किस प्रकार भारत के साथ विन-विन पार्टनरशिप कर सकता है। इसके परिणाम स्वरूप आज हमने एक इनोवेशन पार्टनरशिप और ज्वांइन एक्शन प्लांट पर सहमति की है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज की बातचीत से दोनों देशों के बीच व्यापार निवेश और नागरिकों के बीच आपसी सम्पर्क बढ़ाने मदद मिलेगी। स्वीडन ने पांच करोड़ स्वीडिश क्रोनर की सहायता से भारत के साथ नव सृजन में साझेदारी की शुरूआत की है। इसकी घोषणा स्वीडन के प्रधानमंत्री लोवेन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में की। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन के नरेश कार्ल गुस्ताव से स्टॉक होम में भेंट की और भारत स्वीडन संबंध सुदृढ़ करने के बारे में विचार-विमर्श किया। भारत और स्वीडन इस बात पर सहमत थे कि नीतिगत साझेदारी के माध्यम से नवसृजन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए। दोनों नेताओं का विचार था कि भारत और स्वीडन की साझेदारी से विज्ञान और नई खोज के क्षेत्र में नये युग का सूत्रपात होगा। इससे दोनों देशों के बीच स्मार्ट शहरों, ई मोबीलिटी, ऊर्जा के क्षेत्र में स्वच्छ टैक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, जैव सामग्री, जैवचिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग सुदृढ़ होगा।
दोनों नेताओं ने इस अवसर पर कारोबारी प्रमुखों के साथ भी विचार-विमर्श किया। इस दौरान भारत में निवेश के अवसरों खासतौर पर बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वीडन के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान विशेषकर स्मार्ट सिटी और स्वच्छ ऊर्जा में नवाचार प्रौद्योगिकी में सहयोग पर प्रमुखता से चर्चा की गई। भारत के प्रधानमंत्री ने लगभग तीस वर्ष बाद स्वीडन के साथ राजनयिक स्तर की वार्ता की है। महत्वपूर्ण नवाचार भागीदारी के बारे में बहुत ही उपयोगी बातचीत के प्रति सभी संबद्ध पक्ष काफी उत्साहित हैं। इस भागीदारी पर कई दिन से विचार किया जा रहा था, इसलिए इस बारे में समझौते से इन क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री नोर्डिक देशों के साथ द्विपक्षीय और शिखर स्तर की वार्ता भी कर रहे हैं, ताकि निवेश में वृद्धि हो सके। प्रधानमंत्री लंदन रवाना होने से पहले स्टॉकहोम में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इसे लेकर भारतीय समुदाय के लोग बहुत उत्साहित हैं।