प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी दो दिन चीन यात्रा पर

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल से दो दिन की चीन यात्रा पर गए हैं। अपने दो दिन के प्रवास के दौरान श्री मोदी कल वुहान शहर में चीन के राष्‍ट्रपति जीचिनफिंग के साथ अनौपचारिक वार्ता करेंगे। श्री मोदी की चीन की यह चौथी यात्रा है। इस दौरान श्री चिनफिंग के साथ खुले मन से बातचीत करेंगे। इससे पहले श्री मोदी ने कहा है कि वे और चीन के राष्‍ट्रपति आपसी और वैश्विक महत्‍व के मुद्दों सहित विभिन्‍न विषयों पर चर्चा करेंगे। उन्‍होंने कहा कि दोनों पक्ष राष्‍ट्रीय विकास और खासतौर से वर्तमान तथा भविष्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय स्थिति पर अपना अपना दृष्टिकोण और प्राथमिकताएं रखेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों नेता रणनीतिक और लम्‍बी अवधि को ध्‍यान में रखकर आपसी संबंधों की समीक्षा भी करेंगे।

दो प्राचीन सभ्‍यताओं के नेताओं की इस वार्ता के बारे में चीन में भारत के राजदूत गौतम बम्‍बावले ने कहा है कि वार्ता के लिए पहले से कोई एजेंडा निर्धारित नहीं है। दोनों नेताओं के बीच बैठक के लिए कोई महत्वपूर्ण एजेंडा तय नहीं है। इस बैठक में बेहद अनौपचारिक और मैत्रीपूर्ण ढंग से नेताओं के बीच विचार-विमर्श होगा। अभी तक किसी भी प्रकार के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की जानकारी नहीं है। चीन की मीडिया ने दोनों नेताओं के बीच शिखर सम्‍मेलन का स्‍वागत करते हुए कहा है कि यह वार्ता एशिया की शताब्‍दी की संदेशवाहक बन सकती है। वुहान में वॉन्डर एंड होटल और उसके आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद पहुंचने वाले हैं। चीनी मीडिया ने भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के बाद आ रही सरगर्मियों को लेकर बड़ी अपेक्षाएं जाहीर की है।ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि बीजिंग को नई दिल्ली से मित्रवत संबंध की आशा है। चाइना डेल्ही में प्रकाशित एठलेट्स में पूर्व चीनी नेता डांग जिआऊ पिंग का उल्लेख करते हुए कहा है कि उन्होने तीस साल पहले तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री से कहा था कि बिना भारत और चीन के विकास के एशिया की सदी नहीं हो सकती।