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कवि राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” से साक्षात्कार

साहित्य संगम संस्थान के क्षेत्रीय बोली संवर्धन कार्यक्रम प्रमुख, मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी युवा कवि एवं चित्रकार शिवम यादव ने देश के ख्यातिनाम कवि राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” से लिया साक्षात्कार…

शिवम:- पुरोहित जी आपकी साहित्यिक यात्रा कब से प्रारम्भ हुई और आपकी पहली रचना किस पत्रिका में प्रकाशित हुई ?

पुरोहित:- मेरी साहित्य क्षेत्र में बालपन से ही रुचि रही है। मेरे पिताजी एक अच्छे शिक्षाविद् व साहित्यकार रहे हैं। रामायण , गीता उनको कंठस्थ थी। घर में रामायण की चौपाइयाँ व गीता के श्लोक बचपन से सुनता आया हूँ। हमारे घर का वातावरण मन्दिर सा है। कविता मुझे पिताजी पूज्य शिवनारायण शर्मा जी से मिली। मैं स्वान्तः सुखाय साहित्य साधना करता रहा। 1996 में खेल दर्पण में मेरी प्रथम रचना प्रकाशित हुई।

 

शिवम:- आप किस कवि एवं साहित्यकार के जीवन से प्रभावित हुए।

पुरोहित:- मुझे प्रेमचन्द के साहित्य ने कहानियाँ लिखने के लिए प्रेरित किया। निराला, प्रसाद, हरिवंशराय बच्चन की कविताओं से प्रभावित हुआ। इनकी कृतियाँ मुझे पसंद है।

 

शिवम– अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में भी आप काव्य पाठ करते हैं? आप ने किन किन बड़े कवियों के साथ मंच साझा किया?

पुरोहित:- अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में मैंने अब्दुल गफ्फार साहब, लोकेश मृदुल, अनिल उपहार, प्रकाश सोनी यौवन, शबाना शबनम, निशामुनि गोड़, निशा पंडित, राजेन्द्र पंवार, सहित कई कवि कवयित्रियों के साथ मंच साझा किया।

 

शिवम:- आपके क्षेत्र के साहित्यकारों के नाम बताइये जिनसे आप प्रभावित हुए?

पुरोहित:- मेरे अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ करने का श्रीगणेश मेरे शहर भवानीमंडी बसंत मेले में आयोजित कवि सम्नेलन से हुआ। मेरे मित्र देश के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट श्री अशोक श्रीमाल ने मेरा सम्बल बढ़ाया और मार्गदर्शन किया। मुझे आज भी याद है मेरे साथ वीर रस के कवि राजेन्द्र आचार्य भी थे। जिले के कवि आदरणीय रघुराज सिंह हाड़ा जिनके पाठ महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल है और अब्दुल मलिक खान देश के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार हैं हमारे भवानीमंडी नगर के गौरव हैं। स्वर्गीय डॉक्टर भँवर लाल तिवारी से प्रभावित हुआ । इन सबने मेरा मार्गदर्शन किया।

 

शिवम:- आपकी कितनी कृतियाँ अब तक प्रकाशित हुई है?

पुरोहित:- मेरी अब तक “आशीर्वाद” लघु कथा संग्रह , “अभिलाषा” कहानी संग्रह, “काव्यधारा” राष्ट्रीय स्तर का संपादित काव्य संकलन।

 

शिवम:- साहित्य एवं प्रकाशन के क्षेत्र में जिन पत्र पत्रिकाओं में आप लिखते है वो कौन कौन सी है?

पुरोहित:- मैं राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, नवज्योति, विजय दर्पण टाइम्स, दैनिक इबादत, परिचय टाइम्स, जगत चर्चा, सहित कई दैनिक , साप्ताहिक पत्र पत्रिकाओं में लिखता हूँ। साथ ही मासिक व त्रय मासिक पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित होती है।

 

शिवम:- आपका किन किन साहित्यिक संस्थाओं से सम्बंध है?

पुरोहित:- वर्तमान में मैं अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जयपुर (राज) इकाई भवानीमंडी का महामंत्री , साहित्य संगम संस्थान दिल्ली का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, आगमन, राष्ट्र किंकर सहित अनेक साहित्यिक संस्थाओं से मेरा सम्बन्ध है।

 

शिवम:- देश की अनेक साहित्यिक संस्थाओं ने आपको उत्कृष्ट साहित्य सृजन हेतु सम्मानित किया है। अब तक आपको कितने साहित्यिक पुरस्कार मिल चुके हैं?

पुरोहित:- जहां तक साहित्यिक सम्मानों का सवाल है मुझे देश के विभिन्न प्रान्तों से अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों एवं राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार सम्मान समारोह में पांच दर्जन से अधिक सम्मानों से विभूषित एवं अलंकृत किया जा चुका है।

 

शिवम:- नवोदित साहित्यकारों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

पुरोहित:- नवोदित साहित्यकारों से में इतना ही कहना चाहूंगा कि वो साहित्य साधना कर सोपान दर सोपान साहित्य क्षेत्र में आगे बढ़े। हिंदी व्याकरण का ज्ञान प्राप्त कर छंद लिखना सीखे व उत्कृष्ट साहित्य का सृजन करे।

 

शिवम:- आपके आगामी कार्यक्रम कहाँ होने जा रहे है?

पुरोहित:- 24 जून को कोटा में आयोजित कला रत्न सम्मान समारोह , 25 जून को कलमकार मंच के सम्मान समारोह, कवि सम्मेलन और 8 अक्टूबर 2018 को रोहतक(हरियाणा) में विलक्षण संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्तर के सम्मान समारोह में शिरकत करूँगा।

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