प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के विकास में भार का मजबूत समर्थन दोहराया है। कल सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने सुप्रसिद्ध मुक्तिनाथ और पशुपति नाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद काठमांडू में नागरिक अभिनंदन समारोह में श्री मोदी ने कहा कि भारत, नेपाल की विकास यात्रा में हमेशा उसके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री की नेपाल यात्रा ऐतिहासिक रही।
नेपाल की खुशी में ही भारत की खुशी है। काम चाहे वह रेलवे लाइन्स का हो, या सड़क निर्माण का हो, हाइड्रो पॉवर का हो, या ट्रांसमिशन लाइन्स का हो, इन्ट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट का हो, या ऑयल पाइपलाइन का हो, या फिर भारत और नेपाल के संस्कृति और लोगों के बीच पीपल टू पीपुल मजबूत संबंधों को और भी ताकत देने का काम हो, आप की हर आवश्यकता में हम साथ चल रहे हैं, और आगे भी चलते रहेंगे। नागरिक अभिनंदन के लिए आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एवरेस्ट पर्वत की तरह काठमांडू अपनी समृद्ध और प्राचीन ऐतिहासिक विरासत का एक अनूठा शहर है। मुझे काठमांडू ने, नेपाल ने हमेशा ही आकर्षित किया है। क्योंकि यह शहर जितना गहन है, उतना ही गतिमान भी है। हिमालय की गोद में बसा ये एक अनमोल रत्न है। काठमांडू सिर्फ काष्ठ यानी लकड़ी का मंडप नहीं है। यह हमारी साझा संस्कृति और विरासत का एक दिव्य भव्य महल है।
इससे पहले श्री मोदी ने नेपाल में भारतीय दूतावास के स्वागत समारोह के अवसर पर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड और शेर बहादुर देउबा सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की। दो दिन की नेपाल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नई दिल्ली आ गए हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा ने युगों पुरानी भारत-नेपाल मित्रता में एक नई ऊर्जा और गति का संचार किया है। यात्रा के बाद एक ट्वीट में प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि पी.एम.ओली के साथ उनकी वार्ता लाभकारी रही और इससे भारत-नेपाल रिश्तों को एक नई शक्ति मिली है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि इस यात्रा से उन्हें नेपाल के शानदार लोगों से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने नेपाल की जनता और सरकार के प्रति गरमजोशी के लिए आभार भी व्यक्त किया। दो दिन की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राजधानी काठमांडू के अलावा जनकपुर और मुक्तिनाथ भी गए।