संकलित – चेरी –
चेरी छोटा सा लाल रंग का फल है, जिसका वैज्ञानिक नाम प्रूनस एवियम है, जो रोजेसी कुल की सदस्य है। चेरी प्राचीन समय से ही उपयोग मे आता रहा है। कैस्पियन समुद्र के आस-पास के क्षेत्र और यूरोप में इसका आगमन सैकड़ों साल पहले हो चुका था तथा यूनान में इसकी खेती के ऐतिहासिक साक्ष्य मिलते हैं और आज के समय में चेरी विश्व भर में निर्यात होती है। भारत में चेरी का उपयोग अंग्रेजी काल के समय में माना जाता है और तब से लेकर अब तक भारत के अनेक क्षेत्रों में इसकी बाग़वानी कि जाती है। जम्मू-कश्मीर और मनाली में चेरी का उत्पादन मुख्य रुप से देखा जा सकता है।
चेरी की विभिन्न किस्में हैं और मुख्य रुप से इसे तीन वर्गों में बांटा है – जिसमें से एक मीठी चेरी है जिसे प्रूनस एवियम कहते है । यह चेरी स्वाद में ज़्यादा स्वादिष्ट और मीठी होती है। दूसरी खट्टी चेरी, जिसका वैज्ञानिक नाम प्रूनस सीरैसस है। यह भी दो वर्गों में शामिल है जिसमें से एक अमरैलो चेरी है तथा दूसरी मोरैलो चेरी है जो स्वाद में कम मीठी होती है। इनमें खटास ज़्यादा मात्रा में पाई जाती है । तीसरे स्थान पर है ड्यूक चेरी, जो मिलाजुला स्वाद रखती है।