मध्यप्रदेश में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है।
कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने के लिए अभी से बसपा और समाजवादी पार्टी सहित राज्य के अन्य छोटे दलों सहित सम्पर्क साधना भी शुरू कर दिया है। चुनाव परिणाम अभी तक कांटे की लड़ाई साबित हो रहे है, पर कोई भी पार्टी खुलकर अपनी सफलता बयान नहीं कर पा रही है। अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में चुनाव परिणामों में हो रही देरी का कारण यह है कि कांग्रेस की मांग पर इस बार मतगणना के प्रत्येक चरण के बाद चरणवार परिणामों के प्रमाणपत्र उम्मीदवारों को प्रदान किये जा रहे है।