दीपक कुमार श्रीवास्तव-
कछौना/गौसगंज (हरदोई) – लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 144वीं जयंती को गौसगंज के कहली तेरवा स्थित पाठशाला द ग्लोबल स्कूल के नौनिहाल बच्चों ने चैरिटी दिवस के रूप में मनाया । विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव के नेतृत्व में विद्यालय के 70 नौनिहाल बच्चे गुरुवार को मल्लावां क्षेत्र के ग्राम तेंदुआ पहुंचे और गरीब व मध्यम वर्ग के ऐसे बच्चों जो आर्थिक तंगी के चलते समुचित सामग्रियों से वंचित रह जाते हैं, को एकत्रित करके उन्हें कपड़े, खिलौने, बिस्कुट, कुरकुरे, चॉकलेट, मिठाई तथा पाठ्य सामग्री के रूप में पेन, पेंसिल, रबर, कापियाँ आदि सामग्री वितरित की । गांव के ग्रामीण एक साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को गांव में देख सोच में पड़ गए, मगर जब उन्हें पता चला कि यह बच्चे जरूरतमंदों के लिए आवश्यक सामग्रियाँ लेकर आए हैं । तो बड़ी संख्या में गांव के बच्चे, महिलाएं और पुरुष एकत्र हो गए, एकत्रित सभी गरीब असहाय बच्चों के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को कुछ ना कुछ मिला जिस पर उन्होंने खुशी जताते हुए इस नेक कार्य के लिए बच्चों को आशीर्वाद दिया ।
पाठशाला द ग्लोबल स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य इन नौनिहाल बच्चों के भविष्य को साक्षर बनाना ही नहीं बल्कि बच्चों में सहयोग व सेवा का भाव जगाकर समाज को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश को उन्नति की ओर ले जाने के लिए एकजुटता का संदेश दिया । अनुभव और ज्ञान मनुष्य के विचारों को बदलते हैं । अनुभव व्यक्ति में सही-गलत की समझ देता है, विचारवान व्यक्ति अपने विचारों से समाज की दिशा बदलता है। विचारों की ताकत जब एकजुट होकर कार्य करती है, तब समाज उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हो जाता है। आज समाज में टकराव, आपसी मतभेद विचार और मान्यताओं के कारण ही हैं। अपने पंथ, अनेक जाति धर्म के कारण समाज में बिखराव है। उन्होंने कहा कि असहाय व गरीबों का सहयोग करना ही मानव जीवन का सच्चा धर्म है। मानव धर्म हमें नहीं सिखाता कि हम दूसरों को कष्ट देकर आगे बढ़ें, मानव जाति एक है। समय पर एक दूसरे के काम आना ही मानव धर्म है। जरूरतमंदों की मदद करने से जो अनुभूति होती है, उससे बढ़कर मानव जीवन में कोई दूसरा आत्मिक सुख नहीं है । वैज्ञानिकों का कहना है कि सामाजिक सहायता देने खासकर जरूरतमंद लोगों की मदद करने से अभिभावकीय देखभाल से संबंधित दिमाग के कुछ हिस्से सक्रिय होते हैं । सभी को जीवन में सदैव पात्र लोगों की मदद करने के लिए अग्रसर रहना चाहिए ।