आज करवा चौथ का निर्जला व्रत
है सखी,
चलो! विधि -विधान से पूजन कर ,
मांग में सिंदूर भर, मांँ गौरी से आशीष लें सखी।
छलनी से चांँद जैसे शीतल
प्राणप्रिय रूप देख सखी,
विधु को अर्घ्य देकर
प्रियतम के हाथों से पानी पी व्रत खोलें सखी।
पति की लंबी उम्र की कामना कर ,
सास–ससुर व बड़ों का आशीर्वाद लें
आओ! मंगल गीत गाएंँ सखी ।
हम सबको पिया का प्यार मिले ,
हम सबका परिवार सुखी रहे सखी ,
करवा माता से विनती है, बहनें सदासुहागिन रहें,
माँ से आशीर्वाद मिले सखी ।
–चेतनाप्रकाश चितेरी, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश।