झोलाछाप डॉक्टर के उपचार से गर्भवती महिला की मौत

विकासखंड कछौना एवं थाना क्षेत्र कासिम पुर के गांव सपहिया निवासी प्रदीप पाल पुत्र अशर्फी पाल की 35 वर्षीय पत्नी संगीता कि गांव के ही प्रधानपति जगदीश के द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से मौत हो गई जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
 मृतका संगीता उम्र 35 वर्ष की सास कृष्णावती ने बताया कि रविवार की रात उसकी बहू को प्रसव पीड़ा हुई तो गांव के ही प्रधानपति डॉक्टर को बुलाकर घर लाया गया जिन्होंने तो इंजेक्शन लगाए और इंजेक्शन लगते ही उसकी बहू को उल्टी होना शुरु हो गई तथा इसके 5 मिनट बाद ही उसकी बहू ने दम तोड़ दिया बहू की मौत के बाद डॉक्टर अपना झोला लेकर खसक लिए उसकी बहू को पहला बच्चा होने वाला था उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है बताया जाता है कि प्रधान का गांव में काफी रसूख है जिसके चलते धमकी देकर शव का अंतिम संस्कार के लिए नानामऊ घाट भिजवा दिया पूरे गांव में चर्चा है कि संगीता की मौत गलत इंजेक्शन लगाने से ही हुई है लेकिन प्रधान पति झोलाछाप डॉक्टर जगदीश कहते हैं कि उन्होंने कोई इंजेक्शन नहीं लगाया है जबकि पूरा मोहल्ला और पूरा गांव इस बात को चीख चीख कर कह रहा है कि उक्त महिला की मौत इंजेक्शन लगने से ही हुई है उक्त प्रकरण के बाबत थानाध्यक्ष कासिमपुर संजय मौर्य ने बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तहरीर नहीं मिली है तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना के अधीक्षक डॉक्टर आर पी दीक्षित ने बताया कि क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध नोटिस कई बार जारी किया गया है उत्तरण की कोई जानकारी नहीं है फिर भी वह जानकारी कर उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेज कर झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही का अनुरोध करेंगे।