भाजपानीत केन्द्र व राज्य सरकार से ख़फा भागीदारी संकल्प मोर्चा ने किया हल्ला बोल धरना प्रदर्शन


पेट्रोल-डीज़ल कीमतों में हो रही ऐतिहासिक रिकॉर्ड वृद्धि एवं भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के आह्वान पर भागीदारी संकल्प मोर्चा के पदाधिकारीगण केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के समस्त गांवों में हल्ला बोल धरना प्रदर्शन सोशल दूरी बनाकर विरोध प्रदर्शन किये। यह प्रदर्शन सभी जनपदों के चिन्हित सौ- सौ गांव में किया गया।

ज्ञातव्य है कि सबका साथ सबका विकास , बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ ,और जीरो टॉलरेंस का झूठा वादा करने वाली भाजपा सरकार की कथनी और करनी आज आम जनमानस के बीच में उजागर हो गया है । सरकार गरीबों का वोट लेकर सिर्फ अमीरों के हित के लिए काम कर रही है। देवरिया के शर्मनाक घटना के बाद कानपुर के राजकीय बाल सुरक्षा गृह की घटना ने सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सच्चाई को उजागर करने का काम किया है। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाला, अनामिका शुक्ला, ममता राय , प्रीति यादव फर्जी सामूहिक नियुक्ति प्रकरण तथा पशुपालन विभाग में 9 करोड़ की ठगी का मामला यह सारी घटनाएं सरकार के जीरो टॉलरेंस की असलियत बयान करती है। 73 साल में पहली दफा ऐसा हुआ है इस भाजपा के सरकार में डीजल का मूल्य पेट्रोल से भी ज्यादा हो गया है।

उत्तर प्रदेश सबसे महंगा विद्युत आपूर्ति का प्रदेश बन गया है फर्जी बिल एवं विभाग द्वारा जबरन वसूली का मामला आए दिन सुर्खियों में रहता है। उत्तर प्रदेश में पिछड़ों दलितों अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। दर्जनों हत्या आगजनी तथा 300 से ज्यादा गंभीर मारपीट के प्रकरण में सरकार के इशारे पर प्रशासन उल्टे पीड़ित पक्ष को डरा धमका कर मुकदमों में फंसाकर सच्चाई तथा गरीबों के आवाज को दबाने का काम कर रही है , सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भागीदारी संकल्प मोर्चा) कभी भी इनकी आवाज़ दबने नही देगी । केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के सभी मंत्री गण इस समय वर्चुअल रैली करने में व्यस्त हैं और जनता महंगाई की मार झेल रही है

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भागीदारी संकल्प मोर्चा) द्वारा केन्द्र व प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियाॅ, डीजल-पेट्रोल की कीमतो में बढोत्तरी को वापस लेने एवं आरक्षण में छेड़-छाड़ के विरूद्ध 10 सूत्रीय ज्ञापन-

  1. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से मॅहगाई बढे़गी। इस लिए पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत तत्काल वापस ली जाय।
  2. संविधान एवं विधि सम्मत आरक्षण में किसी प्रकार का छेड़-छाड़ न किया जाय और मेडिकल में भी आरक्षण प्रदान किया जाय जबकि वर्तमान सरकार द्वारा मेडिकल में आरक्षण शून्य कर दिया गया है।
  3. पिछड़ों, दलितोें अल्पसंख्यकों की हत्याओं एवं उत्पीड़न को तत्काल रोका जाय।
  4. बेरोजगार नवयुवकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाय।
  5. किसानों को खाद, बीज व कीटनाशक दवायें उचित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाय।
  6. किसानों को उनकी ऊपज का समर्थन मूल्य दिलाना सुनिश्चित किया जाय।
  7. छोटे व मझलें किसानों, दुकानदारों/व्यापारियों का कर्ज बिजली का बिल माफ किया जाय।
  8. लाॅकडाउन के कारण गरीब किसानों व मजदूरों की आर्थिक स्थिति अत्यन्त खराब हो गयी है। इसलिए हमारी मांग है कि उनके बच्चों से अप्रैल, मई व जून की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा किया जाय।
  9. वर्तमान सरकार का गयों के सम्बन्ध में निर्णय से आवारा पशु घूमा करते है। गौशालाओं की व्यवस्था सही नहीं है। किसानों को इससे बड़ी क्षति हो रही है। अतः आवारा पशुओं के रख रखाव का समुचित ढ़ंग से व्यवस्था की जाय।
  10. किसानों के गन्ने के मूल्य का भुगतान तत्काल किया जाय। उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल महोदया के नाम से हर जिले के चिन्हित धरना वाले गांवों से महामहिम राज्यपाल महोदया ईमेल तथा समस्त जिलाधिकारियों के ईमेल के जरिए भेज कर सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है । और जनहित के इन अहम मुद्दों पर सरकार के रहनुमाओं के सामने अपना रुख स्पष्ट किया है।