सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर गरजीं रसोइयां

हरदोई- सरकारी स्कूलों में कार्यरत रसाइयों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी कार्यालय में दिया गया। जिसमें अपनी पीड़ाओं का उल्लेख किया गया है। 

शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के महिला-पुरूष रसोइयों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने को संबोधित करते हुए रसोइया कैलाश कश्यप ने बताया कि राज्य व केन्द्र सरकार रसोइयों को मात्र 1 हजार रूपए महीने में दे रही है। जबकि यह राशि दैनिक मजदूरी से बेहद कम है। इसकी वजह से रसोइयों की आर्थिक हालत भी बदतर है। इस मंहगाई में रसोइयांे को अपना जीवन यापन करना कठिन हो गया है। परिवार के खर्चे की बात तो दूर बच्चों के कपड़े तक खरीदने को रसोइया तरसते हैं। कहा गया कि सरकार से लगातार रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की मांग की जा रही है लेकिन सरकार इसकी अनदेखी कर रही है। इसके अलावा मानदेय रसोइयों के खातों में न भेजकर प्रधान के खाते से दिलाया जा रहा है। इसकी निंदा करते हुए रसोइयों ने मानदेय अपने खाते में ही भेजे जाने की मांग की। इसके अलावा रसोइयों में 10 लाख का दुर्घटना बीमा, आकस्मिक अवकाश दिलाए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही बताया गया कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वह लोग 20 फरवरी को लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को जवाब देने की बात कही गई है। इन मांगों से संबंधित एक मांगपत्र मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी कार्यालय को दिया गया। इस मौके पर जिले के अलग-अलग अंचलों से आई हुई महिला रसोइयां भी मौजूद रहीं। सरकार पर नाइसांफी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी भी की गई।