पंजीकरण निरस्त फिर भी अवैध रूप से जारी अस्पताल का संचालन

मरीजों की जानमाल के साथ हो रहा खिलवाड़

दीपक कुमार श्रीवास्तव :

कछौना (हरदोई)। स्वास्थ विभाग द्वारा लाख प्रयास और अभियान चलाए जाने के बाद भी अवैध तरीके से मानकों को ताक पर रखकर अस्पतालों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला जनपद हरदोई के नगर कछौना क्षेत्र से प्रकाश में आया है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीकरण निरस्त किए जाने की कार्रवाई के बावजूद बेखौफ होकर अस्पताल का संचालन जारी है। पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते कई सप्ताह पूर्व कस्बा कछौना के लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के निकट स्थित एन बी हॉस्पिटल में अनियमितताओं की लगातार आ रही शिकायतों के बीच मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर स्थानीय सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त अस्पताल का गहनता से निरीक्षण किया गया। जिसमें बड़े पैमाने पर खामियाँ पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से उक्त अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने के साथ संचालन बंद करने की कार्रवाई की गई। इसके बावजूद एन बी हॉस्पिटल के संचालक मुख्तार ने बेखौफ होकर अवैध तरीके से अस्पताल का संचालन जारी रखा। शनिवार 28 अगस्त को उक्त अस्पताल के जनरल वार्ड में मरीजों के उपचार की कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल के ठीक सामने स्थित एक बिल्डिंग में गोपनीय तरीके से एक अन्य इकाई का भी अवैध तरीके से संचालन किया जा रहा है।

जिम्मेदारों का मौन विभागीय मिलीभगत और मूक सहमति की ओर कर रहा इशारा

पंजीकरण निरस्त होने के बावजूद अस्पताल के संचालन के उक्त पूरे मामले में स्थानीय सीएचसी अधीक्षक समेत जिले के विभागीय उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई। मगर स्वास्थ विभाग द्वारा बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित क्लीनिक, अस्पतालों पर सीधे धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने एवं तत्काल प्रभाव से अस्पताल, क्लीनिक का संचालन बंद कराने के निर्देशों के बावजूद जानकारी मिलने के तीन-चार दिन बीत बाद भी अभी तक उक्त निजी अस्पताल और प्रबंधन पर किसी भी प्रकार की विभागीय कार्रवाई शून्य बनी हुई है। जो कहीं न कहीं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत और मूक सहमति की ओर इशारा कर रही है। क्योंकि आमतौर पर अन्य मामलों में यह देखा गया है कि वीडियो वायरल होते ही विभागीय जिम्मेदार तत्काल प्रभाव से संबंधित पर कार्रवाई की संस्तुति करते आये हैं। बताया जा रहा है अस्पताल के संचालक मुख्तार जो विकासखंड कछौना की ग्रामसभा पतसेनी-देहात से निवर्तमान प्रधान है, को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। इसे भी कार्रवाई न किए जाने की बड़ी वजह बताया जा रहा है।

बोले जिम्मेदार

उक्त मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई के संबंध में जब सीएचसी कछौना के अधीक्षक किसलय बाजपेई के फोन नंबर 9415525658 पर फोन किया गया तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब न समझा। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सूर्य मणि त्रिपाठी ने बताया कि पंजीकरण निरस्त होने की कार्रवाई के बाद भी अस्पताल का संचालन अवैध है, उन्होंने कहा कि सीएचसी अधीक्षक को निर्देशित कर उक्त अस्पताल और संचालक पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।