“ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
मैं बच भी जाता तो एक रोज मरने वाला था।” (राहत इन्दौरी)
राहत इंदौरी का इंतकाल हो गया गया है । उनका कई गम्भीर बीमारियों का इलाज भी चल रहा था । वो कोरोना वायरस से संक्रमित थे । इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में अंतिम सांस ली ।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा कि अपनी शायरी से लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मशहूर शायर, हरदिल अज़ीज़ श्री राहत इंदौरी का निधन मध्यप्रदेश और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी आत्मा को शांति दें और उनके परिजनों और चाहने वालों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मन्त्री मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर लिखा कि अलविदा राहत इंदौरी साहब! … देश की एक बेबाक़ आवाज़ चली गई । ‘सभी का ख़ून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है…’ उनका जाना हम सबके लिए बेहद दुखद है ।
राज्यपाल ने राहत इंदौरी के निधन पर दुःख व्यक्त किया
उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मशहूर शायर श्री राहत इंदौरी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
राज्यपाल ने अपने शोक सन्देश में कहा है कि श्री राहत इंदौरी का निधन उर्दू साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए परिजनों के प्रति गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की है।