समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष कु॰ मायावती की जुगलबंदी आखिर हो ही गयी । वैसे इन दोनों की गलबहियाँ जनता और इन्हें खुद को रास नहीं आती हैं ऐसा इतिहास बताता है । खैर छोड़िए अब तो राजनीति में मंगल लाने वाला सूत्र बंध गया है । इस अवसर पर बबुआ का कहना था कि आज का दिन हमारे देश के लिए ऐतिहासिक है जब भाजपा से देश के संविधान व सौहार्द की रक्षा तथा दलितों, वंचितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे उनके अन्याय व अत्याचार से लड़ने के लिए बसपा-सपा दोनों एक साथ आ गये हैं । ये एकजुटता भारतीय राजनीति को एक नयी दिशा देगी और निर्णायक साबित होगी ।
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