कोरोना विषाणु ‘प्राणघातक’ है, बचायें

पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

विषाणु सौ दिनों तक जीवित रहता है, इसलिए घर से निकलने के बाद सजग-सावधान रहें।

आप निम्नांकित ठोस उपाय को अपनायें :–
१- किसी के भी साथ हाथ मिलाने के स्थान पर दूर से ही यथोचित अभिवादन कर लें।
२- चिकित्सालयों में पहुँचने पर चेहरे को ढंग से ढक लें।
३- चिकित्सालय की सीढ़ियों के किनारे की दीवारों, रेलिंग आदिक को छूते हुए अथवा उनका सहारा लेकर सीढ़ियाँ न चढ़ें।
४- किसी भी पराये व्यक्ति को जलभरा बोतल पीने के लिए न दें और न ही उससे लें।
५- घर के अन्दर अथवा बाहर यदि कोई भी व्यक्ति खाँस-छींक रहा हो तो उससे स्वयं को सुरक्षित करें।
६- अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वयं की रक्षा करने के लिए जागरूक बनें।
७- किसी अन्य के रुमाल, कंघी तथा अन्य वस्त्रों का उपयोग न करें।
८- घर-बाहर जलपान, भोजन इत्यादिक करते समय अच्छी तरह से हाथ-पैर धो लें।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ३ मार्च, २०२० ईसवी)