लोक-संसद
समूचे ‘सिस्टम’ की प्रामाणिकता और निष्पक्षता को संदिग्ध बनाता, सी० बी० एस० ई०
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो भारत के विद्यालय-स्तरीय प्रमुख बोर्ड ‘केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद्’ (सी० बी० एस० ई० : सेण्ट्रल बोर्ड ऑव़ सेकण्डरी एजुकेशन), जिसकी स्थापना १९२९ ई० मे की गयी थी, की […]
पं० जवाहरलाल नेहरू-द्वारा दी गयी धनराशि शहीद आज़ाद की जेब मे रही
प्रयागराज। पं० जवाहरलाल नेहरू एक ऐसा व्यक्तित्व था, जिसमे राजनीति, क्रान्ति, इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं सार्वकालिक विषयोँ का ज्ञान भरा हुआ था। उन्होँने अभाव देखा और अनुभव किया था तथा सभाव को भी जिया था। […]
धरती पर फिर गूँज उठे मर्यादा पुरुषोत्तम नाम प्रिये
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मर्यादा की रेखा मे ही, जग का सारा मान प्रिये।सूरज, चन्दा, नवग्रह रखते इस मर्यादा का भान प्रिये।सागर क्षुब्ध मगर सीमा मे, सीमा मे ही वायु बहे।जिस दिन ये मर्यादा टूटी, […]
माँ के चरणों की धूल सदा हमको चारों धाम लगे
राघवेन्द्र कुमार राघव– दुनिया के हर रिश्ते में तोस्वार्थ कहीं छिप जाता है।अपनेपन का हर एक दावाप्रतिकूल समय पर ढह जाता है। औलादों के अत्याचारों कोचुपचाप सहन कर जाती माँ।रोती है कोने में लेकिनमुख पर […]
विश्व की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करता, मध्य-पूर्व-भयावह युद्ध
● आयोजक :– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो संयुक्त राज्य अमेरिका के उकसावे मे आकर इस्राइल ने अकस्मात् ईरान पर आक्रमण करके जो जघन्य कृत्य किया है, उसकी प्रतिक्रिया मे ईरान की ओर से […]
स्वामी रामभद्राचार्य बोले अब जगन्नाथधाम के नाम से जाना जाएगा फतेहपुर
शाश्वत तिवारी (वरिष्ठ पत्रकार)– फतेहपुर। शहर के रामगंज पक्का तालाब स्थित हनुमान मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ मंदिर के निर्माण हेतु भूमि पूजन समारोह भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि […]
महीयसी महादेवी वर्मा : विरोध को जीने और प्रतिकार की क्षमता विकसित करने मे दक्ष
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जब हमने महादेवी वर्मा जी से एक अन्तरंग भेँटवार्त्ता की अवधि मे मुक्त भाव से संवाद किया था तब यह पक्ष उद्घाटित हुआ था कि वे हर ‘बन्धन’ की जकड़न […]
राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन जी स्वदेशी के रक्षक थे– प्रो० सुरभि स्वतन्त्र
प्रयागराज की बौद्धिक, शैक्षिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था ‘सर्जनपीठ’ की ओर से कुशल वक्ता, सन्त राजनेता तथा विदेह-जैसे वीतरागी महामानव राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन की जयन्ती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘राजर्षि टण्डन […]
उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग-द्वारा समीक्षा-अधिकारी और सहायक समीक्षा-अधिकारी की परीक्षा के नाम पर परीक्षार्थियोँ के भविष्य के साथ किया गया घातक खेलवाड़– भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा-नीति के प्रति क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि इस परीक्षा के 38 प्रश्नात्मक वाक्य अशुद्ध हैँ; क्योँकि इन प्रश्नो मे प्रश्न-विकल्प के रूप मे […]
मानसून में यूरिन इन्फेक्शन से बचने के उपाय और सावधानी
मानसून का मौसम न केवल मौसम की खूबसूरती लेकर आता है, बल्कि साथ ही यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकता है, जिनमें यूरिन इन्फेक्शन (जैसे मूत्र मार्ग संक्रमण) एक आम लेकिन परेशानी […]
मन का भ्रम मिटाने के लिए रावण को कब तक जलाते रहोगे?
‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद-समारोह सम्पन्न ‘बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सामाजिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद समारोह का आयोजन १२ अक्तूबर को ‘सारस्वत सदन’, आलोपीबाग़, प्रयागराज […]
कैसे बचेँ महिलाएँ, अपराधियोँ की क्रूर दृष्टि से?
भारतीय बुद्धिजीवी मुक्त कण्ठ से शब्द-क्रान्ति करने से डर क्योँ रहे हैँ? आज गुण्डोँ-लम्पट-मवालियोँ की एकपक्षीय राजनीति से भारतीय समाज ‘धधक’ रहा है; विस्फोट की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। ‘मेरा राज्य तेरे राज्य से […]
श्री रामचरितमानस जाति, वर्ग, सम्प्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का पोषण करता है– डॉ० नीलम जैन
‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ‘सारस्वत सदन’, प्रयागराज मे १० अगस्त को ‘श्री रामचरितमानस की सार्वकालिक प्रासंगिकता’ विषय पर एक अन्तरराष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश-विदेश के चिन्तकोँ-विचारकोँ की सहभागिता रही। […]
“फूँक देते छिद्रों मे गान”– कविवर पन्त
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल्पना के साथ सुमधुर कोमलता भी पन्त के काव्य मे आरम्भ से ही संलक्षित होती है। वे प्रकृति का मातृरूप मे दर्शन करते हैँ और स्वयं एक बालिका के रूप […]
विश्व धरोहर दिवस पर विशेष
क़ुतुब परिसर– कुतुब परिसर दक्षिणी दिल्ली के महरौली नामक स्थान पर स्थित है। यह परिसर वर्तमान में जिस स्थान पर है, वह पहले कभी दिल्ली के अंतिम हिंदू शासक पृथ्वीराज चौहान की राजधानी लालकोट हुआ […]
फाग, भांग और रंग
फागुन का अर्थ है मस्ती, होली का अर्थ है अपने तमाम तनावों , चिंताओं और परेशानियों को एक कोने पर रख कर फाग, भांग और रंगों के सुरूर में डूब जाना। शायद इसीलिए होली पूरे […]
Velu Nachiyar : Warrior Queen Defies British
Aditya Tripathi (Teacher/Writer)– Once upon a time, in the vibrant kingdom of Ramnathpuram, a remarkable woman named Velu Nachiyar was born in the year 1730. Little did anyone know that she would go on to […]
Misconceptions Surrounding Religion – The True Essence of Dharma
Ancient religious scriptures often describe “the path worth following” as true dharma. However, in the context of today’s world, dharma seems to be overshadowed by mere pretense. We avoid criticizing any religion or discussing its […]
कार्तिक का माह
कातिक आने को है !! सुबह घास में पड़ने वाली ओस सूरज की पहली किरण पड़ते ही मोतियों सी चमकने लगी है। अब सुबह -शाम ठंडक बढ़ने लगी है । अजिया ने कल ही सारे […]
नीलकंठ वरदानी, हमका पास करो तो जानी
पौराणिक मान्यता है कि विजयदशमी की तिथि को भगवान श्रीराम ने अत्याचारी रावण का वध किया तो संसार को एक पापात्मा से मुक्ति मिली। लेकिन भगवान श्रीराम के ऊपर ब्रहम हत्या का पाप भी लग […]
निराला की प्रथम हिन्दी-प्रशिक्षिका ‘मनोहरा’
आज (१५ अक्तूबर) निराला का निधन-दिनांक है इलाहाबाद का नाम आते ही प्रथम पंक्ति मे जिस सारस्वत हस्ताक्षर का नाम-रूप दिखता है, वह है, सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ का। मेदिनी, पश्चिमबंगाल मे जन्म लेनेवाले सूर्यकुमार ने […]
‘मुक्त मीडिया (सोशल मीडिया) मे हिन्दी : कितनी हिन्दी?’ विषयक बौद्धिक समारोह १७ सितम्बर को
‘सर्जनपीठ’ और ‘भारती भवन पुस्तकालय’ के संयुक्त तत्त्वावधान मे हिन्दी-पक्ष (हिन्दी-पखवाड़ा) के अवसर पर मुक्त मीडिया (सोसल मीडिया) मे हिन्दी : कितनी हिन्दी?’ विषय पर १७ सितम्बर को मध्याह्न १२ बजे से ‘भारती भवन पुस्तकालय […]
True Friend is Priceless Gift
Raghavendra Kumar Tripathi Raghav : In this fast-paced and ever-changing world, we often find ourselves surrounded by a multitude of acquaintances and digital connections. However, amidst this sea of faces, one gem stands out—the true […]
पश्चिमबंगाल के पंचायत-चुनाव मे ख़ूनी खेल!..?
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (८ जुलाई) पश्चिमबंगाल मे कराये जा रहे पंचायत-चुनाव मे आठ कार्यकर्त्ताओं की हत्या की जाने की सूचना मिली है। इसमे कूच बिहार, मुर्शिदाबाद तथा मालदा के मतदान-केन्द्रों मे तृणमूल […]
Book release: Book ‘COOMAR’ unveiled
On 24th May, the occasion of the birth anniversary of Maj Sudhir Kumar Walia AC SM, his family and friends organised the unveiling of ‘COOMAR’ The Story of Maj Sudhir Kumar Walia AC SM, a […]
इस वर्ष 30 मई के दिन मनाया जायेगा गंगा दशहरा
हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। वहीं इस बार गंगा दशहरा दिनांक 30 मई दिन मंगलवार को है। इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान के […]
जनपद के आंगनवाड़ी केन्द्रों की हालत खराब, कुपोषित से पोषण की उम्मीद बेईमानी
कछौना, हरदोई। गर्भ से ही बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए सरकार ने बाल विकास पुष्टाहार विभाग को जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता के चलते वह खुद कुपोषित है। केंद्रों पर अव्यवस्थाओं […]
होलिका दहन की एक विचित्र परम्परा
अरावली के कुछ क्षेत्रों (अजमेर, राजसमंद आदि जिलों) में होलिका दहन की एक विचित्र परंपरा है। यहां पर किसी साबुत पेड़ की डालियां, पत्ते आदि काटकर उस पर सूखी घास लपेट दी जाती है। आजकल […]
लुप्त हो रही लोक संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण पर चर्चा
लोक संस्कृति की धरोहर मुनाल के पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के द्वितीय दिवस पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में लुप्त हो रही […]
जो ज्ञान-विज्ञान की कसौटियों पर खरा नहीं, वह सनातन धर्म का अंग भी नहीं
न्यायप्रेमी इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़े व मनन करें। आजकल की पूजा-पाठ को ही लोग धर्म समझ बैठे हैं..!किसी की पूजा और कोई विशेष तरह की उपासना या साधना या विशेष प्रकार का वस्त्र […]
दार्शनिक दृष्टिकोण
बहुत ‘पुण्य’ करने पर ही ‘न्याय’ प्राप्त होता है।बहुत ‘न्याय’ करने पर ‘प्रेम’ प्राप्त होता है।बहुत ‘प्रेम करने पर ‘सत्य’ प्राप्त होता है।सत्य ही परम उपलब्धि है। सत्य उपलब्ध होने पर मानव जीवन पूर्णता को […]
पं० हेरम्ब मिश्र एक मुखर पत्रकार और विद्वान् लेखक थे
पं० हेरम्ब मिश्र-स्मृति पत्रकारिता-संस्थान’, मालवीय नगर, प्रयागराज की ओर से देश के मूर्द्धन्य पत्रकार और लेखक स्मृति-शेष पं० हेरम्ब मिश्र की २२वीं पुण्यतिथि के अवसर पर १७ दिसम्बर को संस्थान-कार्यालय-कक्ष मे उनके व्यक्तित्व और कर्तृत्व […]
अविश्वसनीय जन्म कुण्डली के साथ जन्मी भारतीय लड़की ने एलियंस की सच्चाई का किया खुलासा
ज्योतिषी अटलांटा कश्यप कहती हैं पृथ्वी पर हमारे पास मुख्यरूप से 03 स्थानों पर एलियंस हैं, भारत उनमें से एक है। अटलांटा ने वैज्ञानिक को उसे गलत साबित करने की खुली चुनौती दी है। सूत्रों […]
पहचानिए! ये हैं, ‘राष्ट्रवाद के ठीकेदार’
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कुछ लोग एक मंच पर खड़े हैं। देखने मे तो कथित क़िस्म के नेता ही लग रहे ह़ैं। मंच के सामने उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी का चेहरा भी दिखाया […]
कुल मिलाकर वे अपने दीन का ही काम कर रहे हैं!
सच पूछो तो मुझे आमिर-गरीब, हकला-लंगड़ा, नशेड़ी-गंजेड़ी किसी भी खान या पठान से कोई शिकायत नहीं है। क्योंकि यह लोग वही कर रहे हैं जो उनका मजहब उन्हें सिखाता है। बस अंतर यह कि कोई […]
मनोज सिन्हा : प्रेरक व दृढ़ व्यक्तित्व
वह दिन आज भी जेहन में है; जिसके हम सभी साक्षी थे। कुर्ता चाहे जिस रंग का हो; पसीने से लगकर और गाढ़ा रंग धर लेता था। थी ही ऐसी भीषण गर्मी! हाँ सुकून बस […]
मिशन पार्टीलेस डेमोक्रेसी और जनता राजा
आमजन की सोच है कि राजनीति दलदल है, कीचड़ है, ये अच्छे लोगों का काम नहीं। नेता का अर्थ वह व्यक्ति जिसका कोई दीन-ईमान नहीं होता। लोगों की इस सोच के कारण ही एक ईमानदार […]
इस नामुराद गणित ने न जाने कितनो को ही रुलाया है!
90 के दशक में मैथ के साथ साइंस साइड लेकर 12वीं करने वाले हम अधेड़ों से गणित के अत्याचार की कहानी सुनिए। तब इंटरमीडिएट की परीक्षा में 11वीं और 12 दोनों का सिलेबस शामिल रहता […]
लैंप वाली महिला : आज फ्लोरेेंस नाइटेंगिल की जन्मतिथि
1854 में क्रीमियन युद्ध में फ्लोरेंस को “लैंप वाली महिला” (The Lady with a Lamp) का उपनाम द टाइम्स अखबार में छपी इस ख़बर के आधार पर मिल गया; “वह तो साक्षात् देवदूत है। दुर्गन्ध […]
साधारण श्रमिकों के श्रम से उपार्जित पारिश्रमिक पर खुलेआम डाका
कल मजदूर दिवस था इसलिए सोचा कुछ लिखूँअतः यह आर्टिकल मेरे शारीरिक/मानसिक/भावनात्मक/चेतनात्मक श्रमिक भाइयों/बहनों/माताओं/बुजुर्गों को समर्पित है जो पिछले हज़ारों सालों से अपना पारिश्रमिक लुटवा रहे हैं धूर्त सरकारों व उनके डाकू उद्यमियों द्वारा .. […]
ग्राम पंचायतों में न्यायपूर्ण एवं निर्दोष त्रिकोणीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएँ
किसी भी राज्य में प्रति ग्रामपंचायत स्तर पर त्रिकोणीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत सरकार की 33% हिस्सेदारी व 100% सहयोग से चलने वाले “सामाजिक उद्यम” की विशेषताएं– 1◆ सामाजिक उद्यम ग्राम पंचायत के समूह विशेष के […]
उ० प्र०-चुनाव मे हर हथकण्डा अपनाती ‘मोदी ऐण्ड कम्पनी’
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमने उत्तरप्रदेश-विधानसभा-चुनाव-परिणाम-प्रक्रिया का गहन अध्ययन करते हुए, यह तीव्रतापूर्वक अनुभव कर लिया है कि उत्तरप्रदेश का चुनाव ‘लोकतन्त्र बनाम ‘मोदी ऐण्ड कम्पनी’ हो चुका है। यही कारण है कि कथित […]
“बेटियों को आत्मनिर्भर की दीक्षा करने की आवश्यकता है”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
राष्ट्रीय सेवा योजना, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका पीजी इकाई ०१ के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ० अजय शुक्ल के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाईन वेबीनार का आयोजन १७ फ़रवरी को प्रयागराज […]
विश्वगुरु नरेन्द्र मोदी का खोखला राजनैतिक और सामान्य ज्ञान
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विश्वगुरु नरेन्द्र मोदी ने काँग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए अपने राजनैतिक ज्ञान और सामान्य ज्ञान का इस प्रकार से परिचय दिया है– ● इन्दिरा गांधी और बेनज़ीर भुट्टो ने […]
तो क्या पश्चिमी उत्तरप्रदेश ने राज्य का मुख्यमन्त्री तय कर लिया है?
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०१२, २०१७ तथा २०१९ के उत्तरप्रदेश-चुनावी गणित समझें– पश्चिमी उत्तरप्रदेश के प्रथम चरण मे जिस दल को सर्वाधिक सीटें मिली थीं, उसी की सरकार गठित की गयी थी।प्रत्येक चुनाव […]
प्रश्नपत्र तैयार करनेवाली कुपात्रमण्डली से प्रभावित न हों
आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय के मार्गदर्शन मे एक लिपिकीय परीक्षा से लेकर प्रशासनिक सेवा-परीक्षाओं मे पिछले कुछ दशकों से अनिवार्य और ऐच्छिक विषयों के प्रश्नपत्रों में जिस तरह के और जिस तरह से प्रश्नों के […]
विधायक-पद के लिए प्रत्याशियों की भी ‘प्रवेश-परीक्षा’ करायी जानी चाहिए
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश मे जितने भी विधायक-पद के प्रत्याशी हैं, उनसे हिन्दी और अँगरेज़ी मे विधायक का संक्षेपसूचक शब्द और उनका पूर्ण रूप लिखवाकर तथा अँगरेज़ी मे विधायक को क्या कहते हैं, […]
विशेष संवाददाता शार्दुल भट्ट की लेखिका वैदेही पारवदा से वार्त्ता
About our Guest Vydehi Paravada– Vydehi Paravada is an Author and IT professional. Hails from Visakhapatnam, Andhra Pradesh. Her fondness towards literature made her pen down her thoughts. Her debut novel “Left Untold” stood as […]
भ्रष्टाचार के पैमाने पर बड़े बजट का यह बड़ा खेल साबित हो सकता है : सन्त समीर
लगभग बोगस बजट। समझदारी और मूर्खता का समुच्चय, पर मूर्खता का प्रतिशत ज़्यादा है। महिलाओं का ख़याल किया गया है और गहने वगैरह कुछ सस्ते हो सकते हैं, जो बुरा नहीं है। ई-विद्या की योजना […]
अपर्णा यादव के पास इतनी सम्पत्ति आयी कहाँ से?
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपर्णा यादव का भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेना अकारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे उसकी सोची-समझी चाल है। यह तो सभी जानते हैं कि मुलायम सिंह यादव की दो […]
गुण्डे-जैसे खुले आम बोल रहे नेताओं को नज़रबन्द करना ज़रूरी है
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के अधिकतर राजनेता लोकतन्त्र की हत्या कर चुके हैं। उच्चतम न्यायालय को चाहिए कि जिस भी दल के राजनेता और उनके प्रवक्ता बेहद जाहिल और लम्पट रूप मे विचार […]
‘चुनाव आयोग’ देश की जनता के लिए ख़तरा बना हुआ
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय चुनाव आयोग-अधिकारी ग़ुलाम बन चुके हैं; पाँच राज्यों के लिए होनेवाले विधानसभाचुनावों की तिथि घोषित करने का साहस नहीं कर पा रहे हैं तथा आक्रामक और निर्लज्ज दिख रहीं चुनावी […]
नमन उस संघर्ष को
“लकीर की फ़कीर हूँ मैं, उसका कोई गम नहीं। नहीं धन तो क्या हुआ, इज्ज़त तो मेरी कम नहीं!” यह पंक्तियां हैं सिंधुताई की, जो जीता- जागता प्रमाण हैं जीवन की मुश्किलों से लड़कर हजारों […]
पंजाब मे नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा मे चूक का सच
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नरेन्द्र मोदी को आज (५ जनवरी) पंजाब मे पहुँचकर वहाँ की जनता के लिए कुछ चुनावी घोषणा भी करनी थी। उनकी सुरक्षा की सारी ज़िम्मादारी केन्द्रीय एजेंसियों पर थी; ‘मिनट-टु-मिनट’ […]
देश के प्रबुद्ध-वर्ग की नववर्ष में हिन्दी-भाषा की शुद्धता के प्रति आग्रह की अभिव्यक्ति
नववर्ष में हिन्दीभाषा की शुद्धता के प्रति समाज को हमारे साहित्यकार, अध्यापक तथा पत्रकार-वर्ग जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसका लक्षण उस समय दिखा जिस समय ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से नववर्ष की पूर्व-सन्ध्या […]
प्रश्नपत्रों को ‘लीक’ करानेवाले मनबढ़ क्यों हैं दिखते?
ज्वलन्त ०——- ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे विद्यार्थियों के साथ मुलायम-सरकार से लेकर योगी-सरकार तक लगभग पच्चीस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षाओं से पूर्व सार्वजनिक होते आ रहे हैं। इसका कारण क्या है? यदि अपराधियों […]
उत्तरप्रदेश की योगी-सरकार उत्तर दे–
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश में संविदा पर रखे गये जिन कोरोना-उपचारकर्मियों को प्रतिदिन ३०० रुपये प्रोत्साहनराशि देने की घोषणा की गयी थी, उन्हें अब तक एक पैसा नहीं दिया गया है, क्यों? उन […]
अपनी अयोग्यता का परिचय देता आ रहा ‘उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग’– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ : उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग-द्वारा गत २४ अक्तूबर को आयोजित ‘सम्मिलित राज्य-प्रवर अधीनस्थ सेवा, सहायक वनसंरक्षक, क्षेत्रीय वन-अधिकारी २०२१’ परीक्षा की ‘सामान्य हिन्दी/हिन्दी-भाषा’ से सम्बन्धित प्रश्नों और उनके उत्तर-विकल्प को लेकर […]
पाकिस्तान से ‘ऐतिहासिक पराजय’ के लिए ‘मु० शमी’ ही दोषी क्यों?
★ समीक्षक– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘टी-20′ विश्व कप क्रिकेट-प्रतियोगिता’ में भारत की पाकिस्तान से पराजय के लिए तीव्र गेंदबाज़ मु० शमी को मज़हब के आधार पर उत्तरदायी ठहराना, दूषित मानसिकता का परिचायक है। सच […]
उ० प्र० पी० सी० एस०– २०२१ के सामान्य हिन्दी के प्रश्नपत्र में ‘अक्षम्य’ अशुद्धियों के लिए उत्तरदायी कौन?
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल (२५ अक्तूबर) उ० प्र० पी० सी० एस० (प्रा०) परीक्षा : २०२१ आयोजित की गयी थी। सामान्य हिन्दीप्रश्नपत्र कैसे तैयार किया जाता है, इसकी बिलकुल समझ नहीं दिखी। मैं अतिशीघ्र […]
‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’-सहित देश का मीडियातन्त्र बेहोश!
———-० ज्वलन्त ०——– ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गत १३ अक्तूबर और उसके बाद से बांग्लादेश में जिस प्रकार का साम्प्रदायिक उन्माद फैलाया गया था, उससे कई हिन्दू-परिवारों के प्रति नृशंस हिंसा तथा अमानवीय कृत्य […]
‘मुद्रित माध्यम’ (प्रिण्ट मीडिया) में अब ‘विशेषज्ञ’ पत्रकारों की आवश्यकता
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिद्वन्द्विता है, प्रतियोगिता है तथा प्रतिस्पर्द्धा भी। ‘मुद्रित माध्यम’ (समाचारपत्र-पत्रिकाएँ) भी इनसे अछूती नहीं है। किसी भी समाचारपत्र अथवा पत्रिका के पन्ने पलटते जाइए, फिर आप […]
गौतम अडानी के बन्दरगाह से पकड़ी गयी ‘हेरोइन’ का समाचार क्यों दबाया गया?
मीडिया का बीभत्स चरित्र! ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के मीडियातन्त्र की बेईमान नज़रों का जीता-जागता उदाहरण पिछले सितम्बर-माह में देखा गया था। घटना ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ चलानेवाले देश के अभूतपूर्व चाय-दुकानदार और […]
सवर्ण कौन?
“सह (साथ) + वर्ण (वरीय/सुपात्र) = सवर्ण (वरीयता/सुपात्रता के साथ)”। जिस प्राणी अर्थात मनुष्य का मानवजीवनविकास के चारों आयाम (4Q’s अर्थात शारीरिक-PQ/मानसिक-IQ/भावनात्मक-EQ/चेतनात्मक-SQ) पूर्णतः विकसित हों या अधिकांश रूप से विकसित हों उन्हे ही सवर्ण की […]
खट्टी-मीठी स्मृतियों के साथ चिर-परिचित प्रवास पर
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कुछ दिनों से एक ऐसे ऐतिहासिक नगर में हूँ, जहाँ ‘महब्बत का विश्वप्रसिद्ध अनुपम प्रतीक’ देखते ही बनता है। यह नगर मेरे लिए इसलिए भी अनन्य है कि देश की […]
जन कल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं से उत्तर प्रदेश बना अग्रणी प्रदेश
उत्तर प्रदेश आबादी की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसकी जनसंख्या विश्व के अनेक देशों से भी बहुत ज्यादा है। इस दृष्टिकोण से देंखें तो प्रदेश की वर्तमान सरकार के विगत साढ़े […]
जीने पर उपेक्षा और मरने पर ‘अपेक्षा’!
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल्याण सिंह जब स्वस्थ थे तब उनको जो सम्मान मिलने चाहिए थे, मिले ही नहीं। जैसे अटलबिहारी वाजपेयी की उपेक्षा की गयी थी और मृत्यु के बाद कसीदे गढ़े और […]
अपसंस्कृति है कट्टरवादी-वहाबी आतंकवाद
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी “राघव”- जब अकर्मण्यता को छिपाकर जीवन जीने के लिए आवश्यक संसाधनों को सच्चाई और पुरुषार्थ से जुटाने की बजाय हिंसा से छीन लिया जाता हैए चोरी कही जाती है । इससे चोर […]
UP Government is making the future of SC-ST unemployed
Raghavendra Kumar Tripathi ‘Raghav’ : The Yogi government is providing free training to the youth of Scheduled Caste and Scheduled Tribe for civil and another examinations with the aim of increasing the representation of Scheduled […]
आज (२७ जुलाई) भ्राताश्री, पूर्व-राष्ट्रपति अबुल कलाम जी की निधनतिथि है
स्मृति-वातायन ०——– — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय डॉ० अब्दुल कलाम प्रेय थे तो श्रेय भी। उन्होंने जब राष्ट्रपति-पद की शपथ ली थी तब अपने ओजस्वी सम्बोधन में जो कुछ कहा था, उससे ही प्रतीत हो […]
एक कठोर गुरु का ‘मांगलिक’ स्वभाव
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गुरु ‘गुरु’ ही है। जैसे ही कोई शिष्य यह विचार कर विद्या ग्रहण करता है कि वह अपने ‘गुरु’ की सिद्धि का अतिक्रमण कर स्वयं को सिद्ध करेगा, वैसे ही […]
क्रान्तिदूत नेल्सन मण्डेला को हमारा नमन
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज १८ जुलाई है; और आज ही की तिथि (१८ जुलाई, १९१८ ईसवी) में दक्षिणअफ़्रीका में रंगभेद के विरुद्ध महाक्रान्तिधर्मी रोलिहलाहला नेल्सन मण्डेला का जन्म हुआ था। क्रान्तिदूत नेल्सन मण्डेला […]
भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा हासिल करना है – कुमार अजय सिंह
राजेश पुरोहित डिब्रूगढ़ (असम):- हिंददेश परिवार संसार को सुंदर और खुशहाल बनाने के लिए दृढसंकल्पित है। साहित्यि के माध्यम से इस पवित्र कार्य को किया जा रहा है। संसार के कई देशों में इसकी इकाइयों […]
पढ़े-लिखे लोग का ज़िन्दा रहना किसलिए?
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “पत्रकारिता की भाषा ‘आम आदमी’ की हो।” एक कथोपकथन (संवाद) के दौरान प्रतिष्ठित पत्रकार प्रभाष जोशी जी ने कभी मुझसे कहा था। पत्रकारिता की भाषा आम आदमी की हो और […]
अजेय नहीं था ग़ुलाम मुहम्मद बख्श ‘गामा पहलवान’ ?
गामा पहलवान को गूगल कीजिये, तो आपको बताया जाएगा कि गामा पहलवान, जीवन में किसी से नहीं हारे, लेकिन ये सत्य नहीं है | गामा पहलवान का असली नाम ग़ुलाम मुहम्मद बख्श था | भारत […]
आचार्य पं० प्रभात शास्त्री की विद्वत्ता अपराजेय थी– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ और ‘सर्जनपीठ’ का संयुक्त राष्ट्रीय आयोजन ‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ और ‘सर्जनपीठ’ के संयुक्त तत्त्वावधान में कल (२७ मई) प्रयागराज से विद्वान् पं० प्रभात शास्त्री की १०३वीं जन्मतिथि के अवसर पर ‘आचार्य पं० […]
पत्रकारिता और लेखन मेरा जीवन है
● आज (३ मई) ‘विश्व प्रेस स्वाधीनता-दिवस’ है। ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘पत्रकारिता के क्षेत्र में एक साप्ताहिक समाचारपत्र से लेकर दैनिक समाचारपत्रों में कार्य करने के अनुभव ने मेरे जीवन को वैश्विक रूप […]
समय के सम्मुख हम कितने ‘बौने’ हैं!
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निवर्तमान न्यायाधीश, जो कभी स्वयं न्यायाधीश के आसन पर बैठकर ‘न्यायगाथा’ लिखा करते थे, उनके साथ समय ने एक ऐसा ‘क्रूर छल’ किया है, जो हमारे मन-प्राण को भीतर तक […]
देश के साहित्यकारो! आग उगलने का समय आ चुका है
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आप गीत, ग़ज़ल, कविता, दोहा, विचार आदिक में आदर्शवाद की बात बिलकुल न करें; तीज-त्योहार के वर्णन करने में समय का अपव्यय न करें और न ही अपने भीतर के […]
हीरोज़ इग्नोटम नाइट्स में मिलिए सुपर टैलेण्ट निष्ठा श्रीवास्तव से
दिन-रात बन जायेगा ये समय ना वापस आएगा ।जो यादों में रह जायेगा वो अपना सा बन जायेगा ।लेकिन हर रात का वो सपना वापस ना आएगा ।लेकिन हीरोज़ इग्नोटम नाइट्स में जो आएगा ।वो […]
सौगंद अकबरियन : सीमा पार का एक कामयाब चेहरा
अंजली तिवारी कहते है कामयाबी की कोई सीमा नही होती और न ही कामयाबी के लिए कोई लक्ष्मण रेखा ही बनी है । ये तो बस एक खुश्बू की तरह पूरे विश्व में फैल जाती […]
आम आदमी की बचत पर नरेन्द्र मोदी-सरकार ने कैंची चलवायी!..?
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ का ‘वास्तविक चरित्र’ उसके गठन के ठीक बाद से प्रतिदिन किसी-न-किसी रूप में सामने आता रहा है। इस कथित सरकार ने बैंकिंग प्रणाली को पूरी तरह […]
भारतीय संस्कृति का प्रतीक है होली
डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित फाल्गुन मास में होली प्रतिवर्ष बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में होली का विशेष महत्व है। होली का त्योहार वैदिक काल से मनाया जाता […]
मिलिए ‘हीरोज़ इग्नोटम’ की पहली प्रतिभा ‘अजितभा बोस’ से
अंजलि तिवारी : ● सफलता एक ऐसी लौ है जो आग मे भी छिपती नहीसफलता ऐसा पानी है जो बारिश मे भी खो जाता नही और सफलता के लिए दो चीज़े महत्त्वपूर्ण है ‘लगन और कड़ी […]
हिंसा की संस्कृति को बदलना जरूरी
शाश्वत तिवारी लखनऊ : फिक्की फ्लो लखनऊ ने आज प्रसिद्ध लेखिका तारा कौशल के साथ एक आभासी बातचीत का आयोजन किया, जिसमे महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराध विषय पर विस्तार से चर्चा की […]
‘अवसरवादिता’ का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करते लोग
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सचमुच, वे लोग अतिशय कृतघ्न हैं, जो ‘रोमन कैलेण्डर’ के तिथि, दिन तथा वर्ष के अनुसार ही ‘जीवन’ और ‘मरण’ के सभी कृत्य निष्पादित-सम्पादित करते-कराते हैं और जैसे ही ‘अवसर’ […]
किसान-क्रान्ति ‘ऐतिहासिक’ मोड़ पर
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज यदि किसान-आन्दोलन-वार्त्ता का पाँचवाँ दौर परिणामरहित रहा। ऐसे में, सरकार को चाहिए कि वह किसानों के लिए बनाये गये अधिनियम को निरस्त कर, […]
संवैधानिक संस्थाओं और संविधान का दुरुपयोग : एक गम्भीर प्रश्न
‘संविधान-दिवस’ के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में ‘संवैधानिक संस्थाओं और संविधान का दुरुपयोग : एक गम्भीर प्रश्न’ विषय पर’ २६ नवम्बर को प्रयागराज में एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया। […]
लुप्त होती अपनी ‘माटी कला’ को बचाने व हमें नई ‘उम्मीद’ देने के लिए ‘सहगल साहब’ आपका दिल से शुक्रिया
शाश्वत तिवारी : हाँ । खुश होने की बात तो है ही कि आदि काल से चली आ रही इस अद्भुत कला को दोबारा जिंदगी मिल रही है। लखनऊ में आयोजित हुए ‘माटी कला मेला’ […]
विमर्श : शोले उगलने वाली क़लम और लब आख़िर क्यों हैं ख़ामोश ?
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, जिस पर विचार-विमर्श भी किया गया । आप भी इस विचार-विनिमय में प्रतिभाग कर सकते हैं । प्रस्तुत है विमर्श की संक्षिप्त बातें… राघवेन्द्र […]
स्मृति-वातायन : उत्तरप्रदेश पी०सी०एस० (प्रा०) परीक्षा २०१८ सामान्य अध्ययन और हिन्दी-भाषा के प्रश्नों और वैकल्पिक उत्तरों में अक्षम्य अशुद्धियाँ
■ आज ही की तारीख़ में इसे सार्वजनिक किया था । ● उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग ने खड़ा किया ‘भयंकर अशुद्धियों’ का पहाड़! — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता […]
विश्व की राजनीतिक क्षितिज पर देदीप्यमान महानायिका इन्दिरा प्रियदर्शिनी की हत्यातिथि (३१ अक्तूबर) पर सम्पूर्ण भारतवासियों की श्रद्धाञ्जलि
अभूतपूर्व आत्मविश्वास और कठिनतर परिस्थितियों में भी धैर्य खोये बिना स्वविवेक से निर्णय करने की सामर्थ्य और क्षमता-जैसे विलक्षण गुणों ने ही श्रीमती इन्दिरा गान्धी को राजनीति के शीर्ष शिखर पर समासीन कराया था। वे […]
पलायनवादी आक्रोश और ‘इन्क़िलाब ज़िन्दाबाद’ का यथार्थ
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज जिधर देखिए उधर, ‘पलायनवादी आक्रोश’। चेहरे निस्तेज; हथेलियों की आग बुझी हुई। दिखती है तो नितम्ब-प्रान्त में बाँस डालकर ख़ुद को सबसे अधिक […]
नयी दृष्टि और भारतीयता के वाहक थे ‘फिराक’
शाश्वत तिवारी : लखनऊ/ फिराक हिन्दुस्तानी संस्कृति की रूह के विशिष्ट शायर थे। कई भाषाओं के विद्वान भाषण कला में अद्वितीय और गद्यव पद्य दोनों की लेखनी में माहिर थे। उर्दू शायरी के इतिहास में […]
गांधी जी सचमुच ‘राष्ट्रपिता’ थे
— डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गांधी जी को अपशब्द कहनेवालो! बापू एक वस्त्रधारी थे; महँगे जैकेट और घड़ी नहीं पहनते थे; झूठ बोलकर देश को लूटते नहीं थे। कस्तूर बा की हर आह-संवेदना में एकान्वित; एक […]
क्या विपक्ष को हमारी आवाज़ उठाने का अधिकार नहीं है?
—- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक तो वैसे ही देश का विपक्षी दल हमारी आवाज़ उठाने का साहस नहीं कर पा रहा है। देश में जब से न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार का गठन हुआ है […]
हाथरस के पुलिस और ज़िला-प्रशासन के विरुद्ध कठोर क़ानूनी कार्यवाही करने की ज़रूरत
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हाथरस की गुड़िया के शव को हाथरस पुलिस और ज़िला-प्रशासन ने उसके घर के सदस्यों को बिना बताये और दिखाये मनमानी करते हुए, बेतरतीब तरीक़े से जला दिया। उसके परिवारवाले […]