- 32 हज़ार लेखपाल 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर
- 300 लेखपालो की सरकार ने सेवा समाप्त किया
- 2500 लेखपाल हो चुके है निलंबित
- सरकार की कार्यवाही से नही डर रहे है लेखपाल
- 22 हज़ार लेखपालो की सेवा ब्रेक की गयी
- लेखपालो की हड़ताल से जनता बेहद परेशान
- रेवेन्यू का सारा काम लेखपालो ने किया ठप
- आय, जाति, हैसियत, चरित्र, निवास के 7 लाख आवेदन लटके
- कम्बल बांटने, अलाव जलाने का काम काज भी ठप
- निवार्चन डियूटी में लगे कार्यो को भी प्रभावित किया
- लेखपालो की हड़ताल को सभी संगठनों ने दिया समर्थन
- जुलाई 2018 में भी लेखपालो की हड़ताल में 4 हजार लेखपाल हुए थे सस्पेंड
- वर्ष 2016 में भी 31 दिनों तक चली थी हड़ताल ।