जन-जन के राम सबके राम
आज खुशी का पल,प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा का क्षण।घर मंदिर है पांँच दीप जलाऊँ,पुष्प से सजाऊँ, पीला अक्षत चढ़ाऊँ।प्रभु का निमंत्रण पत्र आयासज गई अयोध्या नगरी। जिनके लिए सदियों से अखियांँ तरस गई,बाईस जनवरी दो […]
आज खुशी का पल,प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा का क्षण।घर मंदिर है पांँच दीप जलाऊँ,पुष्प से सजाऊँ, पीला अक्षत चढ़ाऊँ।प्रभु का निमंत्रण पत्र आयासज गई अयोध्या नगरी। जिनके लिए सदियों से अखियांँ तरस गई,बाईस जनवरी दो […]