जीवन की राहें
राघवेन्द्र कुमार राघव– बड़े रंग हैं बड़े ढंग हैं,दुनिया के खेल निराले।कहाँ फँस गये इस विपदा मे,हम हैं भोले-भाले। बड़ी कठिन जीवन की राहें,हर ओर बिछे हैं काँटे।सभी मुसीबत बढ़ा रहे हैं,कोई न दुःख को […]
राघवेन्द्र कुमार राघव– बड़े रंग हैं बड़े ढंग हैं,दुनिया के खेल निराले।कहाँ फँस गये इस विपदा मे,हम हैं भोले-भाले। बड़ी कठिन जीवन की राहें,हर ओर बिछे हैं काँटे।सभी मुसीबत बढ़ा रहे हैं,कोई न दुःख को […]