अयोध्या की पुत्रवधू “धर्म की जननी”

June 29, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– संध्या उतर रही थी। सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम के पर्वतों के पीछे विलीन हो रहा था। आकाश में लालिमा थी, पर वह लालिमा भी जैसे विरह का रंग धारण कर चुकी थी। […]