अनाहूत अतिथि
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक) डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वक़्त-बेवक़्त की स्याह परछाइयाँ चुपके से दाख़िल होती हैं मेरे अँधेरे घर में। घर के भार से लहूलुहान नीवँ कब दम तोड़ देगी, इसे वक़्त भी नहीं […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक) डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वक़्त-बेवक़्त की स्याह परछाइयाँ चुपके से दाख़िल होती हैं मेरे अँधेरे घर में। घर के भार से लहूलुहान नीवँ कब दम तोड़ देगी, इसे वक़्त भी नहीं […]