होली आयी रे कन्हाई
“होली आयी रे कन्हाई,रंग छलके,सुना दे ज़रा बांसुरी।” कहने को तो होली फागुन मास की पुन्नवासी (पूर्णिमा) को मनाई जाती है लेकिन इसके रंग प्रकृति में, माहौल में और तन मन में महीनों पहले से […]
“होली आयी रे कन्हाई,रंग छलके,सुना दे ज़रा बांसुरी।” कहने को तो होली फागुन मास की पुन्नवासी (पूर्णिमा) को मनाई जाती है लेकिन इसके रंग प्रकृति में, माहौल में और तन मन में महीनों पहले से […]
“काली- काली कोयल बोली, होली, होली, होली । फूटा यौवन फाड़ प्रकृति की पीली, पीली, चोली।” होली रंगों, उल्लास और खुशियों का त्योहार है। यह नई फसल के स्वागत का त्यौहार है। होली सर्दियों के […]