आख़िर कब तक?
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय : जुम्हूरियत को नंगी दिखाओगे कब तक? बेहयाई की सीरत दिखाओगे कब तक? जाहिल-मवाली अब दिखे हैं हर जानिब, लुच्चों को सिर पे बिठाओगे कब तक? तवाइफ़ से बढ़कर सियासत है दिखती, […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय : जुम्हूरियत को नंगी दिखाओगे कब तक? बेहयाई की सीरत दिखाओगे कब तक? जाहिल-मवाली अब दिखे हैं हर जानिब, लुच्चों को सिर पे बिठाओगे कब तक? तवाइफ़ से बढ़कर सियासत है दिखती, […]