एक कठोर गुरु का ‘मांगलिक’ स्वभाव

July 23, 2021 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय गुरु ‘गुरु’ ही है। जैसे ही कोई शिष्य यह विचार कर विद्या ग्रहण करता है कि वह अपने ‘गुरु’ की सिद्धि का अतिक्रमण कर स्वयं को सिद्ध करेगा, वैसे ही […]