जन-जन को ग्रीष्म की तपन से बचने का उपाय खोजना होगा
‘वैश्विक ग्रीष्म-तपन’ का अर्थ है, धरती का आवश्यकता से अधिक गरम होते रहना। विश्व-विज्ञानियोँ का मानना है कि विगत १४० वर्षोँ मे धरती के तापमान मे एक डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो चुकी है। […]
‘वैश्विक ग्रीष्म-तपन’ का अर्थ है, धरती का आवश्यकता से अधिक गरम होते रहना। विश्व-विज्ञानियोँ का मानना है कि विगत १४० वर्षोँ मे धरती के तापमान मे एक डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो चुकी है। […]