कविता : प्रतीक्षा

May 18, 2026 0

प्रतीक्षा कहूँ…या कहूँ प्रतीक्षाएँ,अनवरत जीवनपर्यंत। प्रतीक्षा एक मुकाम की,प्रतीक्षा सम्मान की,निज आन के अभिमान की,निर्णयों की स्वतंत्रता की,प्रिय के मान की। उन्मुक्त गगन में उड़ान की,हाँ, है कुछ,मुझमें इप्सित,प्रतीक्षित,बहु प्रतीक्षित……… प्रतीक्षा है उस सुबह की,जब […]