राजनीति के लड़खड़ाने पर उसे ‘साहित्य’ ही सँभालता हैआचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
कल (२४ अप्रैल) राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की निधनतिथि थी। प्रस्तुत है, एक प्रेरक प्रसंग :―(प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू ने रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की साहित्यिक प्रतिभा से प्रभावित होकर उनका मनोनयन राज्यसभा के […]