मेघनाद वध : रावण की निश्चित हार का प्रमाण
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– लंका अब केवल नगर नहीं थी—वह एक भय-शाला बन चुकी थी। रावण ने सभा में कहा—“अब मेरा पुत्र जाएगा।” इंद्रजीत। जिसने कभी पराजय नहीं देखी थी।जिसके अस्त्र देवताओं को भी चकित […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– लंका अब केवल नगर नहीं थी—वह एक भय-शाला बन चुकी थी। रावण ने सभा में कहा—“अब मेरा पुत्र जाएगा।” इंद्रजीत। जिसने कभी पराजय नहीं देखी थी।जिसके अस्त्र देवताओं को भी चकित […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– समुद्र सामने था—अथाह, गंभीर और चुनौतीपूर्ण। यह वही समुद्र थाजो रावण के अहंकार की सीमा बन चुका था। वानर सेना ठिठकी नहीं,पर प्रश्न था—“कैसे?” राम मौन थे। विभीषण ने सागर से […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रावण को किसी ने देखा नहीं था—फिर भी सबने उसे देखा हुआ मान लिया था। किष्किंधा से दक्षिण की ओर बढ़ते वानर-दल के पाँव दृढ़ थे,पर मन अनिश्चित। वन बदलते जा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वह वन निःशब्द था। पत्तों पर गिरती धूप तक जैसे ठिठक गई हो।धरती पर पड़ा वह वृद्ध गिद्ध—जटायु—अब उड़ नहीं सकता था, पर उसकी आँखों में अब भी आकाश शेष था। […]
उस समय हमारे पूरे मोहल्ले में एक ही टेलीविजन हुआ करता था– ब्लैक एंड ह्वॉइट, लकड़ी का शटर वाला । तब चैनल के नाम पर टीवी पर सिर्फ दूरदर्शन आता था। रामानंदकृत रामचरितमानस का प्रसारण […]
अपने कालखंड में महर्षि वाल्मीकि ने “रामायण” और गोस्वामी तुलसीदास ने “रामचरितमानस” से जिस प्रकार जनमानस को शिक्षित और जाग्रत किया था, रामानंद सागर ने भी अपने धारावाहिक ‘रामायण” के माध्यम से हमारी पीढ़ी के […]
श्रद्धेय रामानंद सागर कृत रामायण को असाधारण लोकप्रियता देखकर यह सोचता हूँ कि आखिर उनकी रामायण में ऐसा क्या है जो लोग को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है? 80 के दशक के उत्तरार्ध […]
तिनसुकिया:- हिन्ददेश परिवार की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा आयोजित रामायण पर विशेष कार्यक्रम के आयोजन का श्री गणेश 5 मई 2022 से किया जाएगा। कार्यक्रम के बारे में हिन्ददेश परिवार की संस्थापिका व अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. […]
Union Minister for Culture, Tourism G. Kishan Reddy has expressed his gratitude to the Prime Minister Shri Narendra Modi for inclusion of Bhadarchalam as one of the destinations in the Ramayana Circuit of the Pilgrim […]