सत्ता और चेतना का संघर्ष
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चेतना का प्रसार जितना शांत दिखाई देता है, उसका प्रभाव उतना ही व्यापक होता है। गाँवों में उभर रही नई पद्धति—जहाँ निर्णय सामूहिक होते थे, जहाँ न्याय करुणा के साथ संतुलित […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चेतना का प्रसार जितना शांत दिखाई देता है, उसका प्रभाव उतना ही व्यापक होता है। गाँवों में उभर रही नई पद्धति—जहाँ निर्णय सामूहिक होते थे, जहाँ न्याय करुणा के साथ संतुलित […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी राघव, बालामऊ, हरदोई– जिला परिषद के छोटे से विद्यालय में राजेन्द्र सर अपनी सादगी, ईमानदारी और शांत स्वभाव के कारण सबके प्रिय थे। वे कम बोलते थे, लेकिन हर शब्द सच्चाई से […]