‘हिन्दी-संसार’ के भव्य समारोह मे ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ कृति का लोकार्पण हुआ

January 5, 2025 0

‘हिन्दी-संसार’ संस्था प्रयागराज की ओर से ५ जनवरी को संस्था-सभागार मे राष्ट्रीय स्तरीय पर प्रतिभा-सम्मान समारोह एवं भाषाविशेषज्ञ-सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमे वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने सभागार मे देश के […]

जड़बुद्धि गोँडानिवासी, गणित-अध्यापक ‘घनश्याम अवस्थी’! सुनो

December 11, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक जाहिल है; गोँडा का रहनेवाला बताया जाता है, जिसका नाम ‘घनश्याम अवस्थी’ है। वह गोँडा के किसी शिक्षालय मे गणित का अध्यापक है। मेरे घर भी आ चुका है। […]

मेरी तरह ‘अकेले’ चलिए; पग-पग पर ‘विजयश्री’ क़दम चूमेगी

November 30, 2024 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मै अपनी हर लड़ाई अकेले ही लड़ने के लिए समर्थ हूँ; लड़ भी रहा हूँ। जिन्हेँ विश्वसनीय समझता था, उनमे से लगभग सारे दग़ाबाज़ निकले। वाक्-कौशल का परिचय देते हुए, पीठ […]

‘टूटते सन्दर्भ’ का एक अंश

November 18, 2024 0

“वह हँसती नहीँ, हँसी पीती है। मेरी दार्शनिकता से उत्पन्न उसकी अन्तः हँसी मुझ पर प्रभावी होने लगी। विगत पूरे वर्ष का अंश तो वही है। मुझे रास आने लगा। हम प्राय: अपने निशि-दिवा के […]

बालसाहित्य : मेरी रचना और लेखन का प्रथम सोपान

November 14, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मेरा आरम्भ से स्वभाव रहा है कि जिस क्षेत्र मे जाओ, वहाँ ऐसा कर्म करो कि तुम्हारी स्थापना करने के लिए वहाँ की परिस्थिति विवश और बाध्य हो जाये। दूसरे […]

लखनऊ मे सम्मान्य शम्भुनाथ जी के साथ किया गया सारस्वत विमर्श सुखद रहा

November 12, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाध पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• उत्तरप्रदेश मायावती-शासन मे निजी एवं प्रमुख सचिव एवं उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान मे निदेशक रहे, मेरे सारस्वत मित्र एवं ज्येष्ठ भ्राता-सम समादरणीय ७८ वर्षीय शम्भुनाथ जी को गत ११ नवम्बर को […]

भोजपुरिया लिक्खाड़ लोगवा! एही क कहल जाला भोजपुरी

November 3, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ए चचिया! तोरा क उठि-बइठि आ सूति-जागि क उठक-बइठक करत परनाम करत बानी। आछा त, तू खाँड़ी-चूकी ना हउ, सोगहगवे बाड़ू। आपना लेखा एगही। तू आपन पूत खइलू; भतार कटलू, […]

दरोदीवार मे अपना हम नाम ढूँढ़ते हैँ

October 18, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बेख़ुदी का हश्र कैसा, हम जाम ढूँढ़ते हैँ,ज़ख़्म बूढ़ा ही रहे, हम आराम ढूँढ़ते हैँ।चेहरोँ मे छिपा चेहरा, जाने बैठा है कहाँ,रावण के घर मे, हम ‘राम’ ढूँढ़ते हैँ।नख-शिख अत्याचार […]