महाकुंभ : रामवती जैसी बहुओं को सलाम

January 30, 2025 0

ज्ञात हुआ है कि यह फ़िरोजाबाद की रामवती जी हैं जो अपनी 85 वर्षीया सास फूलकली जी को लेकर संगम की ओर जा रही हैं। अपनी सासू मां को पीठ पर बैठाए रामवती जी के […]

महरूल : बैसवारा की लोकसंस्कृति

June 1, 2022 0

विनय सिंह बैस गांव-बरी, पोस्ट-मेरुई, जनपद-रायबरेली (उत्तर प्रदेश) (सम्प्रति : अनुवाद अधिकारी, लोकसभा सचिवालय, नई दिल्ली) महरूल का शाब्दिक अर्थ:- महरूल एक उर्दू शब्द है जिसका अर्थ नाकाबंदी करना होता है। महरूल के अन्य नाम: […]