डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय का नोटा के पक्ष में पत्र

September 19, 2018 0

● नोटा नोटा नोटा देश के सम्मानित बुद्धिजीवीगण! वर्तमान मनबढ़ राजनीति को आईना दिखाने का अब समय आ गया है। बिना किसी परिणाम की चिन्ता किये आगामी चुनावों में ‘नोटा’ का बटन दबाकर अपनी उपस्थिति […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’

September 18, 2018 0

◆ ऊपर दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।   ‘रेलमन्त्रालय’ का अज्ञान; ‘रेलविभाग’ की मूढ़ता या फिर ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न ही अँगरेजी का बोध! ★ […]

सीखने-सिखाने की ‘सामर्थ्य’ जाग्रत कीजिए

July 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, ‘भाषापरिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद ——————————————————– शब्द : भारी बहुमत से, प्रचण्ड बहुमत से, बहुत भारी बहुमत से, भयंकर बहुमत से ——————————————————– ये सारे शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ : उच्चारण और लेखनगत अनुशासन

July 8, 2018 0

” लम्हों ने ख़ता की, सदियों ने सज़ा पायी” शताब्दियों से हमारे विद्वज्जन, शिक्षकवर्ग लेखकगण, विद्यार्थीवृन्द इत्यादिक उच्चारण और लेखनगत अनुशासन की अवहेलना करते आ रहे हैं, जो कि सर्वथा अनुचित है; कारण कि अधिकतर […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की जन्मतिथि’ के अवसर समर्पित हैं उन्हीं की ये पंक्तियाँ——

July 1, 2018 0

आज एक जुलाई है आषाढ़-मास है। कवि-कलाधर, कवि-कुसुमाकर, कवि-सम्राट कालिदास का ‘मेघदूत’ जीवन्त हो उठता है। पावस-ऋतु का आगमन और सम्प्रति, वर्षा की मूसलाधार प्रश्नों-प्रतिप्रश्नों के गह्वर में छोड़ आती हैं। अन्तहीन-सी बूँदें ग्रीष्म की […]

‘चाचा’ के कारामाती बोरिया

June 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ओकर बियहवा बिदेसे में कराई दीहल जाऊ का? आपन ओनिए रहि के फरियावत रही। काहें से कि जब देख तब, ओकरा गोड़वा में शनिचरे चढ़ल रहेले। हमरा इहो लागता कि ओ जनम […]

‘डॉ पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में ‘अरबी-फ़ारसी’ शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखें

June 19, 2018 0

आज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब ‘अरबी-फ़ारसी’ भाषाओं पर दृष्टि निक्षेपित करते हैं […]