आइए! अपूर्णता से ‘पूर्णता’ की ओर साथ-साथ चलें

July 10, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आत्मीय अमित्र-मित्रवृन्द! यहाँ ऐसे व्यक्तियों की एक बड़ी संख्या (भारी संख्या, बहुत अधिक संख्या प्रयोग अशुद्ध है।) है, जो किसी के भी सम्प्रेषण पर टिप्पणी करने के लिए गुण-अवगुण’ को […]