“यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है”— महात्मा गांधी
● इलाहाबाद में गांधी जी का प्रथम आगमन ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ गमनागमन (‘आवागमन’ अशुद्ध है।) की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा […]