मातृभाषा का अपना आनन्द है
लड़कों की शादी पूरब में और लड़कियों की शादी पश्चिम में करने की हमारी सदियों पुरानी परंपरा रही है। अतः बैसवारा में बैस लड़कों की शादियां ज्यादातर पूरब यानि प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर के सोमवंशी, कनपुरिया, […]
लड़कों की शादी पूरब में और लड़कियों की शादी पश्चिम में करने की हमारी सदियों पुरानी परंपरा रही है। अतः बैसवारा में बैस लड़कों की शादियां ज्यादातर पूरब यानि प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर के सोमवंशी, कनपुरिया, […]
डॉ० सुधान्शु बाजपेयी– हिंदी और उर्दू दो नहीं एक ही भाषा थी लेकिन हिंदी को हिंदुओं की भाषा और उर्दू को मुसलमानों की भाषा इतनी बार और इतने तरीकों से बताया गया कि इतना बड़ा […]
शाश्वत तिवारी : लखनऊ। दुनिया की बड़ी क्रांतियां भाषा के सवाल पर हुई। भाषा के सवाल पर ही पाकिस्तान का विभाजन हुआ और बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र राष्ट्र बना। हिन्दी ही एकमात्र ऐसी भाषा […]