अंजाम मोहब्बत का

January 10, 2026 0

जो रहना चाहता है दूररहने दे।वो जो करना चाहता हैकरने दे।जो तेरा नहींतेरे पास क्या करेगा?उसे उसके हाल पररहने दे।जिन्दा रखतू अपनी खुद्दारी।जो हो रहा हैउसे होने दे।किरदारों का क्या बंदेआज कुछ और कुछ कल?हँसकर […]

रोयेगा वो जो अपनी ज़िन्दगी ग़ैर को बनायेगा

December 20, 2025 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’– मेरी जिन्दगी की यारों शाम भी अब ढल गयी।क्या से क्या हो गया और किस्मत बदल गयी।स्वप्न मेरे उससे टूटे जो सुबह थी और शाम थी।हाय किस्मत देखिए मुझे गुनहगार बना दिया।मेरे […]

अंजु चन्द्रामल की अभिव्यक्ति

August 29, 2021 0

सुनो!तुम्हें देने के लिए प्यार नहीं बो रही मैं,कहीं सींच-सींच करपागलपन में सड़ा दिया तो?मुहब्बत में हिलोरे लेती बेल भी नहीं लगाऊँगी,कहीं सहारा देने, बाँध-बाँध के टाँकने कीबंदिशों में घुट के ग़र मर गयी ‘मुहब्बत’ […]

प्रिये तुम्हारे प्रेम पत्र का, हर अक्षर आधार बन गया

February 17, 2020 0

जगन्नाथ शुक्ल….✍ (प्रयागराज) प्रिये तुम्हारे प्रेम पत्र का , हर अक्षर आधार बन गया। भावों की जो बनी तूलिका, उस में ही संसार बस गया।। चढ़ते सूरज की किरणों सङ्ग, राग हमारा गहराया है। आते […]