ग्रीन दिवाली सबको प्यारी, होय नहीं कोई बीमारी
बृजेश पाण्डेय ‘बृजकिशोर’ जगमग जगमग ज्योति जली है। दीवाली की धूम मची है।। दीपोत्सव की रजनी आयी। दीपों की माला बुन लायी।। घर में मंगल मूर्ति विराजे। रिद्धि-सिद्धि भी संग सुसाजे।। लक्ष्मी – पूजन सभी […]
बृजेश पाण्डेय ‘बृजकिशोर’ जगमग जगमग ज्योति जली है। दीवाली की धूम मची है।। दीपोत्सव की रजनी आयी। दीपों की माला बुन लायी।। घर में मंगल मूर्ति विराजे। रिद्धि-सिद्धि भी संग सुसाजे।। लक्ष्मी – पूजन सभी […]
रे रे झरने, तेरा निनाद ! सुनकर बज उठता ह्रदय-नाद । अन्तस् में भरता, आह्लाद । सानन्द दृशा, लगतीं भरने । रे रे झरने ! प्यारे झरने ।। तेरा प्रलाप, कल-कल कुल-कुल, हर धार चपल, […]