प्रकृति का सौन्दर्य
कल्पना करिए कि कोई मंदिर; शहर और कस्बे के कोलाहल से बहुत दूर है। कल्पना करिए कि वहां पहुंचने के लिए न विमान सेवा है, न हाईवे है। यहां तक कि पक्की सड़क भी नहीं […]
कल्पना करिए कि कोई मंदिर; शहर और कस्बे के कोलाहल से बहुत दूर है। कल्पना करिए कि वहां पहुंचने के लिए न विमान सेवा है, न हाईवे है। यहां तक कि पक्की सड़क भी नहीं […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हम-आप अपनो ‘के’ संग (लगाव) और अपनो से ‘निस्संग’ (अलगाव) के भाव को शब्दों के माध्यम से प्रकट तो कर लेते हैं; परन्तु यह शिशु (टिकोरा) उपर्युक्त दोनो भावों को […]
मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश के सभी नागरिकों को फौज की नौकरी जरूर करनी चाहिए। और किसी कारणवश अगर सेना की सेवा करने का सौभाग्य न भी मिल पाए तो “ऑल इंडिया सर्विस लायबिलिटी” […]
डॉ.अन्नपूर्णा सिसोदिया ‘अमन’- विद्यालय जाते समय आजकल सड़क के दोनों ओर सजे खेतों में गेहूं की बालियों की स्वर्ण लहरियों का मनमोहक दृश्य देख उपजे भाव..धन्यवाद प्रकृति इतना देने के लिए – फागुनी बयार के […]
The Vice President, Shri M. Venkaiah Naidu, today called for a people’s movement to protect the environment and urged people to voluntarily participate in various conservation activities. In particular, Shri Naidu called upon the youth […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय समय आया, कर विचार।देश की जनता है लाचार।समय-बाण से बेधो इतना,राजनीति बदले आचार।खद्दर शर्म से पानी-पानी,नहीं कहीं सुख का आधार।महँगाई से त्रस्त है जनता,सरकारें धरती पर भार।नेताओं से त्रस्त है […]
यह दिन्ना है । जीवन चक्र की पर्णहीन व्यथा इसे ‘दीन’ दर्शाती है । यह धर्मिता विरहिणी की भाँति श्रंगार त्यागी वीत-द्वेष-वृती है । तिक्त शीतकाल में देह की दहन-दाह से रिक्त हो, मधुमास की […]
प्रकृति से ‘परा-प्रकृति तक’ सम्पन्न प्रकृति-संरक्षण मंच ‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ की ओर से २५ दिसम्बर को ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज में पर्यावरण-विषयक एक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध शाइर अनवार अब्बास को […]
प्रकृति-संरक्षण और साहित्यिक मंच ‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ के तत्त्वावधान में ‘ पं० महामना मदनमोहन मालवीय और कवि पं० अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि के अवसर पर ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज में २५ दिसम्बर को पूर्वाह्न ११ […]
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत 2030 तक उत्सर्जन में अपने सकल घरेलू उत्पाद-जी डी पी की 33 से 35 प्रतिशत कमी करने के लिए वचनबद्ध है। आज शाम नई दिल्ली में विश्व […]
रजनी गुसैन – Sarahi Prakashan की वॉल से – भारत में साहित्य सृजन का क्षेत्र बहुत विस्तृत हैं! साहित्य की विभिन्न विद्याऐं प्राचीन समय से ही भारतीय साहित्य में उपलब्ध हैं! साहित्य को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया […]
03 से 05 फरवरी तक चलने वाले साण्डी पक्षी महोत्सव का शुभारम्भ विधायक रजनी तिवारी, आशीष सिंह आशू, जिलाध्यक्ष बीजेपी श्रीकृष्ण शास्त्री व जिलाधिकारी पुलकित खरे, पुलिस […]
उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी ने उत्तरायणी कौथिग मेले के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया। पर्वतीय संस्कृति, कला और वहां के अध्यात्म व धर्म से जुड़कर विकास की दिशा को […]
जय श्रीकृष्ण……….. सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त […]
प्रकृति-संरक्षण-मंच ‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ की ओर से आज (२५ दिसम्बर) संगम-तट पर स्थित अध्यात्म-पण्डाल में ‘प्रकृति से ‘परा-प्रकृति’ की ओर’ वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मानव-संसाधन विकास-केन्द्र की उपनिदेशक […]
महामना पं० मदनमोहन मालवीय की पावन जन्म तिथि के अवसर पर प्रकृति-संरक्षण मंच ‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ की ओर से अखण्ड अन्न क्षेत्र ‘संगम नोज’-स्थिति (संगम-तट) पण्डाल में आगामी २५ दिसम्बर को पूर्वाह्न १० बजे से ‘प्रकृति […]