जायसी का ‘पद्मावत’ : एक अनुशीलन
साहित्य-परिशीलन — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि उसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, […]
साहित्य-परिशीलन — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि उसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, […]
‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि उसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है, उसे […]
सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद फिल्म पद्मावत के गुरुवार से हो रहे प्रदर्शन के विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व अधिवक्ता संघ ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री […]
पद्मावती अब ‘पद्मावत’ के नाम से प्रदर्शित हो सकेगी । केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के बारे में कहा कि इसका नाम ‘पद्मावत’ होना चाहिए । कुछ परिवर्तनों के […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है, जिसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है। उसे […]