आओ! इस सवाल पर अब ग़ौर करें हम..

January 18, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सब कुछ उनका मुआफ़ हो गया, मौसम बेचारा अब साफ़ हो गया। कल तक गिलासभरी चाय पीते थे, नोटबन्दी चलते वह भी हाफ हो गया। उलफ़त का तक़ाज़ा समझ न सका, जाने-अनजाने […]