आइए! अपने ‘सात अभिन्न’ मित्रों से मिलवाऊँ

September 24, 2020 0

—- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक : कर्म– पश्चात्ताप करने का अवसर नहीं देता।दो : दर्पण– असत्य सम्भाषण करने से रक्षा करता है।तीन : ज्ञान– आशंकित होने से बचाता है।चार : अध्यात्म– मोह-पाश में आबद्ध […]