धर्म वह नहीं है जो लकीर का फकीर हो
दिवाकर दत्त त्रिपाठी- धर्म वह है जिसमें सोचने की जगह हो, विचारों की जगह हो, समय – समय पर उसके सिद्धांतो में लचीलापन लाया जाये और उसकी अच्छाइयों बुराइयों पर स्वस्थ, तार्किक, वैज्ञानिक वाद – […]
दिवाकर दत्त त्रिपाठी- धर्म वह है जिसमें सोचने की जगह हो, विचारों की जगह हो, समय – समय पर उसके सिद्धांतो में लचीलापन लाया जाये और उसकी अच्छाइयों बुराइयों पर स्वस्थ, तार्किक, वैज्ञानिक वाद – […]