‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ : उच्चारण और लेखनगत अनुशासन

July 8, 2018 0

” लम्हों ने ख़ता की, सदियों ने सज़ा पायी” शताब्दियों से हमारे विद्वज्जन, शिक्षकवर्ग लेखकगण, विद्यार्थीवृन्द इत्यादिक उच्चारण और लेखनगत अनुशासन की अवहेलना करते आ रहे हैं, जो कि सर्वथा अनुचित है; कारण कि अधिकतर […]